
नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब गांव आत्मनिर्भर, समृद्ध और बुनियादी सुविधाओं से संपन्न बनेंगे। उन्होंने कहा कि गांव केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास के वाहक हैं और देश की प्रगति का रास्ता विकसित गांवों से होकर ही जाता है।
शिवराज ने यह बातें पूसा परिसर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन ‘ग्रामोदय से राष्ट्रोदय’ में कही। इस सम्मेलन में 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्रियों के साथ योजनाओं की समीक्षा की और विकसित ग्राम-विकसित भारत के लिए साझा रोडमैप पर चर्चा की। सम्मेलन में पहली बार देशभर के ग्रामीण विकास मंत्री एक मंच पर जुटे। चौहान ने कहा कि 1 जुलाई से विकसित भारत-जी राम जी योजना पूरे देश में लागू होगी, जो मनरेगा की जगह लेगी। इसके लिए 95,682 करोड़ रुपए की अंतरिम स्वीकृति दी जा चुकी है। उन्होंने राज्यों से समय पर सभी औपचारिकताएं पूरी करने और अपने हिस्से का अंशदान जारी करने की अपील की। संभावित कम बारिश के मद्देनजर चौहान ने 14 राज्यों को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने जल संरक्षण संरचनाओं को मजबूत करने और जरूरत पडऩे पर ग्रामीण क्षेत्रों में अतिरिक्त रोजगार उपलब्ध कराने की तैयारी रखने के निर्देश दिए।
सम्मेलन के दौरान ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लखपति दीदी डैशबोर्ड और शी-लीप्स डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया गया। चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखपति दीदी का लक्ष्य तीन करोड़ से बढ़ाकर छह करोड़ महिलाओं तक करने का निर्णय किया है। इसके लिए अगले पांच वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपए की बैंक लिंकेज योजना तैयार की गई है।
शिवराज ने कहा कि योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए राज्यों को समय पर फंड जारी करना, ग्रामीण विकास विभागों में खाली पद भरना और अधिकारियों का बार-बार तबादला रोकना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को कम से कम दो से तीन वर्ष तक एक ही स्थान पर तैनात रखने, सोशल ऑडिट को मजबूत करने तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी प्रणाली अपनाने पर भी जोर दिया।
Updated on:
30 Jun 2026, 1:25 PM IST
Published on:
30 Jun 2026, 1:25 PM IST
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