एमपी में एक कार्यक्रम के दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम न होने पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने माफी मांगी।
नई दिल्ली। संसद में गुरुवार को मानसून सत्र का 7वें दिन कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। एक ओर जहां लोकसभा में सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल और अफवाह जैसे मुद्दे छाए रहे, वहीं आपराधिक कानून संशोधन विधेयक पर चर्चा भी हुई। इस बीच जो सबसे अधिक महत्वपूर्ण बात रही वो है मोदी सरकार के बड़े मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी का ज्योतिरादित्य सिंधिया से माफी मांगना।
शिवराज चौहान के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि विभाग का मंत्री होने के नाते यह मेरी जिम्मेदारी है और इसके लिए मैं माफी मांगता हूं। आपको बता दें कि कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सदन में मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज चौहान के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। कांग्रेस नेता का कहना है कि मध्य प्रदेश में केंद्रीय योजना के उद्घाटन के मौके पर स्थानीय सांसद होने के बावजूद उन्हे कार्यक्रम में नहीं बुलाया गया।
शिलापाटिका को भी तोड़ा गया
कांग्रेस नेता का आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान उनके नाम की शिलापाटिका को भी तोड़ा गया, जबकि खुद केंद्रीय मंत्री गडकरी खुद कार्यक्रम में मौजूद थे। कांग्रेस सांसद के जवाब में गडकरी ने कहा कि उन्होंने सांसद महोदय के बारे में डीएम से जानकारी ली थी। यही नहीं उन्होंने यह भी कहा था कि कार्यक्रम में सांसद आएं न आएं लेकिन उनका नाम अवश्य होना चाहिए था। इस लिए परिवहन विभाग का मुखिया होने के नेता वो सदन से माफी चाहते हैं। इसके बाद नितिन गडकरी ने सदन को जानकारी देते हुए बताया कि भारत माला में अब तक परियोजना में 3.5 हजार किलोमीटर का काम हो चुका है, जबकि 20 हजार किलोमीटर का काम जल्द ही पूरा किया जाएगा।