लोकसभा चुनाव परिणाम ने बिगाड़ा बिहार का सियासी गणित उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी RLSP को लगा बड़ा झटका दोनों विधायकों ने थामा नीतीश कुमार का हाथ
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव परिणाम ( lok sabha election result ) आने के तीसरे ही दिन बिहार की राजनीति में बड़ा उथल पुथल हुआ है। एनडीए से नाता तोड़ चुके उपेंद्र कुशवाहा ( Upendra Kushwaha ) की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी ( RLSP ) के दो विधायक ललन पासवान और सुधांशु शेखर ने दल से रिश्ता तोड़ नीतीश कुमार की JDU के साथ चले गए हैं। इसके साथ ही बिहार विधानसभा में रालोसपा का अस्तित्व भी खत्म हो गया, क्योंकि अब इस पार्टी का कोई कोई विधायक नहीं रहा है।
ललन ने कहा- पहले ही लिखा था खत
ललन पासवान ने कहा कि हमने 3-4 दिन पहले विधानसभा अध्यक्ष को (जेडीयू विधायकों के रूप में उन्हें नामित करने के लिए) लिखा था, आज इसे स्वीकार कर लिया गया है।
विधायक दल समेत हुए जेडीयू में विलय
RLSP के दो विधायक ललन पासवान और सुधांशु शेखर ने जनता दल युनाईटेड (JDU) का दामन थाम कर विधायक दल का ही विलय कर लिया है। बिहार विधानसभा में रालोसपा के खाते में मात्र दो ही विधायक थे जो अब जेडीयू में शामिल हो चुके हैं।
विधानसभा अध्यक्ष ने दी इजाजत
लोकसभा चुनाव में बिहार में महागठबंधन में शामिल राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी (रालोसपा) चित्त हो गई। चुनावी नतीजों के बाद ही दोनों विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी को अपनी पार्टी का जदयू में विलय के लिए खत सौंपा था। विधानसभा अध्यक्ष की मंजूरी के बाद पार्टी का जदयू में विलय हो गया।
'खून की नदियां बहाने' की बात कर रहे थे कुशवाहा
बता दें कि रालोसपा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने ही पिछले दिनों 'खून की नदियां बहा देने वाले' बयान दिया था। चुनाव के बाद आए एग्जिट पोल पर कुशवाहा ने कहा था कि बीजेपी द्वारा चुनाव रिजल्ट लूट करने की कोशिश करने के रवैये से सड़कों पर खून बहेगा। उनके इस बयान की जमकर आलोचना हुई थी।