अमरीकी दूतावास (US Embassy) ने इस मुद्दे को लेकर दिया स्पष्टीकरण। कहा- केजरीवाल-सिसोदिया (Arvind Kejriwal) के आने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं। कार्यक्रम के राजनीतिकरण से दूरी बनाएं और शिक्षा पर फोकस करें।
नई दिल्ली। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ( US President Donald Trump ) की पत्नी और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप ( Melania Trump ) की दिल्ली के सरकारी स्कूल के दौरे को लेकर जारी राजनीति पर अमरीकी दूतावास ( us embassy ) ने विराम लगा दिया है। अमरीकी दूतावास ने कहा है कि मेलानिया ट्रंप के दिल्ली के सरकारी स्कूल का दौरा किए जाने के दौरान उसे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की मौजूदगी से कोई दिक्कत नहीं हैं। हालांकि दूतावास ने जोर दिया कि यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है बल्कि इसका मकसद शिक्षा और छात्रों पर फोकस है।
अमरीकी दूतावास का यह स्पष्टीकरण तब सामने आया है दिल्ली सरकार के सूत्रों ने शनिवार को कहा था कि केजरीवाल ( Arvind Kejriwal ) और सिसोदिया ( manish sisodia ) इस दौरान इसलिए मौजूद नहीं रहेंगे क्योंकि उनका नाम अतििथयों की सूची से हटा दिया गया है। इसके लिए केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी ( AAP ) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर दोष मढ़ा था।
अमरीकी दूतावास की प्रतिक्रिया के बाद उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि वो इस मुद्दे को दूतावास द्वारा उठाए जाने का सम्मान करते हैं और उनकी सरकार के एक स्कूल में अमरीका की प्रथम महिला का दौरा आप सरकार के लिए गर्व का विषय है।
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी और अमरीका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप मंगलवार 25 फरवरी को दिल्ली के सरकारी स्कूल में दौरा करने पहुंचेंगी और हैप्पीनेस क्लास ( Happiness class ) से रूबरू होंगी और छात्रों से चर्चा करेंगी।
अधिकारियों ने बताया कि इस दौरे के शुरुआती कार्यक्रम के मुताबिक सीएम अरविंद केजरीवाल और डिप्टी-सीएम मनीष सिसोदिया को स्कूल में मेलानिया ट्रंप का स्वागत करना था और उन्हें दिल्ली सरकार द्वारा हैप्पीनेस क्लास शुरू किए जाने के पीछे का मकसद और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कई आंदोलनकारी कदमों के बारे में जानकारी देनी थी।
इस मुद्दे को लेकर मीडिया से अमरीकी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा, "जहां अमरीकी दूतावास को मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री की मौजूदगी को लेकर कोई आपत्ति नहीं है, हम उनकी इस उपलब्धि की सराहना करते हैं कि यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है और सबसे बेहतर यह रहेगा कि पूरा ध्यान शिक्षा, स्कूल और छात्रों पर केंद्रित किया जाए।"
वहीं, दिल्ली सरकार में शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि उन्हें अमरीका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप का स्वागत करके और उन्हें हैप्पीनेस क्लासेज के पीछे की विचारधारा के बारे में जानकारी देकर प्रसन्नता होती।
उन्होंने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा, "दिल्ली के सरकारी स्कूल की क्लास के दौरे पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मैं स्वयं व्यक्तिगत रूप से अमरीका की फर्स्ट लेडी का स्वागत करके और उन्हें हैप्पीनेस क्लासेस की धारणा और छात्रों पर होने वाले इसके सकारात्मक प्रभाव को बताकर प्रसन्न होते।"
उन्होंने आगे लिखा, "यह दिल्ली सरकार, दिल्ली सरकार के शिक्षकों और छात्रों के लिए बहुत गर्व का विषय है कि फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप दिल्ली के सरकारी स्कूल का दौरा करने आ रही हैं। यह हमारे लिए बहुत प्रशंसा की बात है कि शिक्षा के क्षेत्र में आप सरकार के कार्य, विशेषरूप से हैप्पीनेस क्लासेज को दुनियाभर में पहचाना गया।"
वहीं, इस कार्यक्रम से दो नेताओं के नाम हटाए जाने पर गुस्सा जाहिर करते हुए आप के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह प्रोटोकॉल और परंपरा रही है कि जब भी कोई विदेशी नेता उनके राज्य में कार्यक्रम में शामिल होने आता है, तो राज्य के नेता मौजूद रहते हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार के इशारे पर केजरीवाल और सिसोदिया का नाम अतिथि सूची से हटा दिया गया है।