सरकार में अपनी उपेक्षा से नाराज दलित नेता श्याम रजक ( Dalit Leader Shyam Rajak ) ने जेडीयू ( JDU ) छोड़ने का फैसला लिया। सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष ( Vidhansabha speaker ) से मिलकर पार्टी की सदस्यता से देंगे इस्फीफा। एलजेपी प्रमुख चिराग पासवान ( LJP Chief Chirag Paswan ) भी नीतीश सरकार ( Nitish Government ) से बहुत जल्द लेने वाले हैं समर्थन वापस।
नई दिल्ली। अक्टूबर-नवंबर में बिहार विधानसभा चुनाव ( Bihar Assembly Election 2020 ) होगा। चुनाव से 2 महीने पहले वरिष्ठ नेता व नीतीश कुमार सरकार में मंत्री श्याम रजक ( Dalit Leader Shyam Rajak ) ने जनता दल यूनाइटेड ( JDU ) को बड़ा झटका दिया है। बिहार सरकार ( Bihar Government ) के उद्योग मंत्री और पार्टी के दलित चेहरे श्याम रजक ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है। उनके इस फैसले से जेडीयू को बड़ा नुकसान हो सकता है।
पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक श्याम रजक पिछले कई दिनों से पार्टी में अपनी उपेक्षा से काफी परेशान चल रहे थे। यही वजह है कि उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला ले लिया है।
घर वापसी कर सकते हैं रजक
बताया जा रहा है कि श्याम रजक पार्टी छोड़ने के बाद फिर से अपने पुराने घर यानी आरजेडी ( RJD ) में जा सकते हैं। हालांकि इस बात की अभी उन्होंने पुष्टि नहीं की है।
इस बीच जानकारी यह मिली है कि श्याम रजक सोमवार को 12 बजे विधानसभा अध्यक्ष ( Vidhansabha speaker ) के पास जाकर पार्टी की सदस्यता से भी इस्तीफा देंगे। बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले इसे जेडीयू के लिए बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है।
एजलेपी ले सकती है नीतीश सरकार से समर्थन वापस
दूसरी तरफ पटना के सियासी गलियारों में इस बात की भी चर्चा है कि एलजेपी अध्यक्ष चिराग पासवान ( LJP Chief Chirag Paswan ) नीतीश कुमार से अपना समर्थन वापस लेने की घोषणा कर सकते हैं। चिराग भी सीएम नीतीश कुमार से लंबे समय से नाराज हैं। वह पहले भी आरोप लगा चुके हैं कि जनहित को लेकर उनकी एक भी बात नहीं मानते हैं।
हाल ही में चिराग पासवान ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ( BJP President JP Nadda ) से मुलाकात की थी जिसके बाद उन्होंने कल पटना में पार्टी नेताओं की आपात बैठक बुलाई थी। चर्चा है कि एलजेपी की बैठक में नीतीश कुमार की सरकार से समर्थन वापस लेने पर भी विचार किया गया है।