पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के नामांकन के तीसरे दिन बुधवार को भी हिंसा का दौर जारी रहा।
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के नामांकन के तीसरे दिन बुधवार को भी हिंसा का दौर जारी रहा। रायगंज में नामांकन पत्र लेने से रोकने पर प्रदर्शन को उतरे भाजपा कार्यकर्ताओं पर बम से हमले हुए। हालांकि इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। इस दौरान रानीबांध में बम हमले में घायल एक भाजपा कार्यकर्ता की मौत हो गई है। भाजपा के स्थानीय नेताओं का कहना है कि यह हमले राज्य में पार्टी की बढ़ती ताकत के कारण हो रहे हैं। राज्य में सत्तासीन तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता जानबूझकर पार्टी पर हमले कर उसे डराने का प्रयास कर रहे हैं।
भाजपा नेता के घर तोड़फोड़
बांकुड़ा में पर्चा दाखिल करने को लेकर भाजपाइयों को पीटा गया, जिसमें एक कार्यकर्ता के सिर पर चोटें आईं हैं। दूसरी ओर बीरभूम में भाजपा नेता के घर तोड़फोड़ की गई। जबकि पुरुलिया और कालना में पर्चा जमा करने में बाधक बने तृणमूल समर्थकों को विरोधी दलों के कार्यकर्ताओं ने पीटा। मुर्शिदाबाद में नामांकन केंद्र के बाहर तृणमूल और कांग्रेस समर्थकों में झड़प हो गई। पिछले दो दिनों में पंचायत चुनाव के नामांकन को लेकर हुए विवाद में दो लोगों की जानें जा चुकी हैं, वहीं कई जख्मी हुए हैं। मंगलवार को मालदा में तृणमूल की आपसी गुटबाजी में चली गोली में एक तृणमूल नेता की मौत हो गई थी।
तृणमूल समर्थकों का हमला
दक्षिण 24 परगना जिले के विष्णुपुर दो नंबर ब्लॉक क्षेत्र में पंचायत चुनाव के लिए नामांकन पत्र लेने पहुंचे भाजपा नेता पर तृणमूल समर्थकों ने हमला किया। इसके साथ मारपीट की घटना भी सामने आई है। हमले में भाजपा उम्मीदवार गौतम धारा, सिद्धार्थ शेखर बसु और गोपाल भौमिक आदि घायल हो गए। घायलों को आमतल्ला ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भाजपा का आरोप है कि इस दौरान पुलिस भी घटना स्थल पर मौजूद थी, मगर उसने हमलावरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।