
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल ( West Bengal ) में भले ही चुनाव खत्म हो गए हों, लेकिन खेला तो अब भी जारी है। बीजेपी ( BJP ) और टीएमसी ( TMC ) के बीच चल रही तनातनी कम होने का नाम नहीं ले रही है। सरकार बनाने के बाद भी टीएमसी अपना कुनबा बढ़ाने में जुटी है। इसी कड़ी में भाजपा के करीब 150 नेता टीएमसी में शामिल हुए हैं।
खास बात यह है कि बीजेपी से आने के बाद टीएमसी ने इन नेताओं का शुद्धीकरण भी किया है। हालांकि कोरोना काल के चलते ये शुद्धीकरण सैनिटाइजर से किया गया है। लेकिन इस सैनिटाइजेशन के जरिए ममता ने विरोधियों को बड़ा संदेश भी दे दिया है।
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में भाजपा को बड़ा झटका लगा है। गुरुवार को पार्टी के करीब 150 कार्यकर्ताओं ने तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया है।
चुनाव के बाद बीजेपी के लिए इसे बड़े नुकसान के तौर पर देखा जा रहा है। पहले मुकुल रॉय जैसे कद्दावर नेता ने वापसी की तो अब कार्यकर्ता भी बीजेपी का साथ छोड़ रहे हैं।
बीजेपी से आए नेताओं पर सैनेटाइजर का छिड़काव
टीएमसी के स्थानीय नेताओं की ओर से बीजेपी से आए नेताओं पर सैनेटाइजर का छिड़काव किए जाने के बाद उन्हें तृणमूल कांग्रेस में शामिल किया गया।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के प्रखंड स्तर के सदस्य दुलाल राय ने बताया कि इलामबाजार में एक मंच बनाया गया था जहां भगवा पार्टी के कार्यकर्ताओं पर सैनेटाइजर का छिड़काव किया गया, फिर उसके बाद स्थानीय नेताओं ने उन्हें तृणमूल का झंडा थमाया।
बीजेपी के लिए काम करने वाले थे संक्रमित
राय ने कहा कि बीजेपी के लिए जो काम कर रहे थे वे वायरस से संक्रमित हो गए थे। उन्हें वापस लेने से पहले हमें यह सुनिश्चित करना पड़ा कि वे संक्रमणरहित हो जाएं क्योंकि हमारा लक्ष्य वायरस से मुक्ति पाना है।
बीजेपी दावा, कार्यकर्ताओं से की जबरदस्ती
बीजेपी के जिला अध्यक्ष ध्रुव साहा ने दावा किया कि उनके पार्टी कार्यकर्ताओं को तृणमूल कांग्रेस में शामिल करने के लिए उनके साथ जोर जबर्दस्ती की गयी। उन्होंने कहा कि कोई भी अपनी मर्जी से बीजेपी छोड़ टीएमसी में नहीं गया है।
ध्रुव साहा ने आरोप लगाया कि चुनाव बाद हिंसा के आरोपों से बचने के लिए टीएमसी नेता इस तरह के कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं और बीजेपी कार्यकर्ताओं एवं नेताओं पर पार्टी में शामिल होने का दबाव बढ़ा रहे हैं।
बता दें कि हाल में हुगली जिले में तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने से पहले 200 बीजेपी कार्यकर्ताओं को विधानसभा चुनाव से पहले भगवा दल में चले जाने की सजा के तौर पर पाप से मुक्ति के लिए सिर मुड़वाना पड़ा था।