कोरोना महासंकट ( Coronavirus ) के बीच एक बार फिर केंद्र सरकार और पश्चिम बंगाल में विवाद ममता सरकार ( Mamata Goverment ) में स्वास्थ्य मंत्रालय ने केंद्र को मिली चिठ्ठी में केवल 4 रेड जोन बताए
नई दिल्ली। देश में छाए कोरोना महासंकट ( Coronavirus outbreak ) के बीच एक बार फिर केंद्र सरकार और पश्चिम बंगाल ( West bengal ) में भी विवाद शुरू हो गया है।
इस बार रार बंगाल में कोरोना वायरस ( Coronavirus in West bengal ) के रेड जोन ( Red Zone ) को लेकर है। दरअसल, केंद्र के सूची के अनुसार पश्चिम बंगाल में 10 रेड जोन हैं।
जबकि ममता सरकार ( Mamata Goverment ) में स्वास्थ्य मंत्रालय ने केंद्र को मिली चिठ्ठी में केवल 4 रेड जोन बताए हैं।
आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल के प्रमुख स्वास्थ्य सचिव विवेक कुमार ने केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को लिखे पत्र में विवेक ने बताया कि राज्य में केवल चार रेड जोन हैं।
उन्होंने बताया कि ये चारों रेड जोन कोलकाता, नॉर्थ 24 परगना, हावड़ा और मिदनापुर हैं।
वहीं, 30 अप्रैल को कैबिनेट सचिव के साथ हुई राज्यों की बैठक में पश्चिम बंगाल में 10 रेड जोन दिखाए गए थे।
इसके साथ ही पश्चिम बंगाल ने केंद्र सरकार से अपील की है कि राज्य में फिर से जोन का बंटवारा किया जाए। क्योंकि ऐसे 10 जिले रेड जोन में दिखा दिए गए हैं, जो वास्तव में रेड जोन से बाहर हैं।
राज्य सरकार ने केंद्र से मांग की है कि रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन की एक नई सूची जारी की जाए। जिनमें पश्चिम बंगाल के 10 जिलों को रेड जोन से बाहर रखा जाए।
आपको बता दें कि केंद्र सरकार की सूची में राजधानी कोलकाता, हावड़ा, नॉर्थ 24 परगना, साउथ 24 परगना, मेदिनापुर पश्चिम, माल्दा, मेदिनापुर पूर्व, दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, कलिमपोंग को रेड जोन में रखा गया है।