West Bengal में विपक्ष के नेता और कभी ममता बनर्जी के करीबी रहे शुभेंदु अधिकारी पर शिकंजा कसने की तैयारी, तीन वर्ष पुराने मामले में सीआईडी ने किया तलब
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल ( West Bengal ) में भारतीय जनता पार्टी ( BJP ) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एक तरफ नेता लगातार पार्टी छोड़कर तृणमूल कांग्रेस ( TMC )में शामिल हो रहे हैं, तो वहीं टीएमसी आए नेताओं पर भी सरकार की टेढ़ी नजर बनी हुई है। इसी कड़ी में अब विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ( Suvendu Adhikari ) की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
बीजेपी नेता के गार्ड रहे सुभब्रत चक्रवर्ती की मौत के मामले में सीआईडी ने उन्हें तलब किया है। सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस में कभी ममता के खास रहे और फिर नंदीग्राम से बनर्जी को हराने वाले शुभेंदु अधिकारी को कल यानी 6 सितंबर को पेश होने को कहा गया है।
पश्चिम बंगाल में बीजेपी के बड़े नेता और कभी ममता के खास रहे शुभेंदु अधिकारी इन दिनों मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। एक तरफ विधायकों को पार्टी छोड़ने का सिलसिला थम नहीं रहा जिससे आलाकमान नाराज है तो वहीं अब अन्य कानूनी चक्करों ने भी उनकी मुश्किल बढ़ा दी है।
CID शुभेंदु अधिकारी के बॉडीगार्ड के मौत के मामले की जांच कर रही है और जुलाई में इसी जांच के सिलसिले में शुभेंदु अधिकारी के घर सीआईडी की टीम पहुंची थी।
पूर्बी मेदिनीपुर के कांठी में स्थित इसी घर पर तीन साल पहले उनके बॉडीगार्ड ने कथित तौर पर खुदकुशी कर ली थी।
ये है मामला
तीन वर्ष पहले 13 अक्टूबर 2018 की सुबह करीब 10:30 बजे बॉडीगार्ड सुभब्रत ने कथितौर पर खुद को सिर में गोली मार ली थी। अगले दिन कोलकाता के एक प्राइवेट अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी।
सुभब्रत की पत्नी सुपर्ना ने पुलिस को शिकायत करके कहा था कि उन्हें खुदकुशी के एंगल पर शक है और जांच की जाए।
ममता की जवाबी कार्रवाई तो नहीं
दरअसल सीईआईडी की ओर से शुभेंदु अधिकारी को ऐसे समय तलब किया गया है, जब दूसरी तरफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी और उनकी पत्नी को केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय ने कोयला घोटाले के मामले में बुलाया है।
राजानीतिक हलको में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ सीआईडी कार्रवाई अपने भतीजे पर हो रही केंद्र की कार्रवाई का ही जवाब है।
बहराल चुनाव आयोग ने प्रदेश में तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। 30 सितंबर को भवानीपुर समेत तीन सीटों पर उपचुनाव होने हैं। जबकि 3 अक्टूबर को नतीजे आएंगे। ऐसे में ईडी और सीआईडी की जांच के चलते भी उपचुनाव से पहले प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज होने की संभावना है।