देहरादून में आयोजित भाजपा विधायक दल की बैठक में प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के तौर पर पुष्कर सिंह धामी के नाम पर सहमति बनी। इसके साथ वे पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) उत्तराखंड के 10वें सीएम के तौर पर शपथ लेंगे।
देहरादून। शुक्रवार को पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत के इस्तीफे की पेशकश के बाद उत्तराखंड में जारी सियासी संकट के बीच शनिवार को नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर दिया गया। देहरादून में आयोजित भाजपा विधायक दल की बैठक में प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के तौर पर पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) के नाम पर सहमति बनी।
विधायक दल की बैठक में नाम का ऐलान के साथ ही पुष्कर सिंह धामी अब उत्तराखंड के 10वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। राजभवन में शपथग्रहण की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
व्यक्तिगत जीवन परिचय
पुष्कर सिंह धामी का जन्म जनपद पिथौरागढ़ की ग्राम सभा टुण्डी, तहसील डीडीहाट में 16 सितंबर 1975 को हुआ है। वे एक साधारण परिवार से आते हैं। उनकी शिक्षा सरकारी स्कूल में हुई है।
राजनीतिक जीवन परिचय
पुष्कर सिंह धामी अपने छात्र जीवन से ही भारतीय जनता पार्टी के छात्र यूनियन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े रहे हैं और राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के बेहद करीबी माने जाते हैं।
धामी ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में विभिन्न पदों में रहकर 1990 से 1999 तक जिले से लेकर राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर तक विद्यार्थी परिषद में कार्य किया। वे दो बार भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रहे।
भाजपा सरकार में 2010 से 2012 तक शहरी विकास अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की जनता की समस्याओं का समाधान किया। जिससे वे काफी लोकप्रिय हुए। यही कारण है कि उन्होंने 2012 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की। वर्तमान में वह खटीमा विधानसभा सीट से विधायक हैं। वे इस सीट से दो बार विधायक बने हैं।
इससे पहले2002 से 2008 तक लगातार पूरे प्रदेश में जगह-जगह भ्रमण कर युवा बेरोजगार को संगठित करने का काम किया। इसके लिए उन्होंने कई विशाल रैलियों को आयोजित किया। इसी कड़ी में उन्हाेंने 11 जनवरी 2005 को प्रदेश के 90 युवाओं के साथ विधानसभा का घेराव करने के लिए ऐतिहासिक रैली आयोजित की थी। धामी को युवा शक्ति का नेतृत्व करने के लिए एक प्रेरणा माना जाता है।