
नई दिल्ली। कांग्रेस ( Congress ) के वरिष्ठों और राहुल गांधी के करीबी नेताओं के बीच जारी घमासान के बीच पार्टी के अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर सोनिया गांधी ( Congress President Sonia Gandhi ) एक साल पूरा करने वाली हैं। इस संबंध में मंगलवार को कांग्रेस पार्टी के सूत्रों ने बताया कि सोनिया गांधी ( Sonia Gandhi ) आगे भी इस पद पर बनी रह सकती हैं। सूत्रों के मुताबिक अध्यक्ष पद को लेकर कांग्रेस पार्टी के भीतर वर्तमान में न तो पार्टी द्वारा और न ही किसी व्यक्ति के द्वारा इस संबंध में कोई चर्चा शुरू की गई है। कांग्रेस पार्टी के सूत्रों ने बताया, "इसको लेकर कोई चर्चा नहीं है। और ना ही कोई नियम है कि हमें एक नया अध्यक्ष नियुक्त करना है।"
बता दें कि पिछले साल 10 अगस्त को सोनिया गांधी ने अपने बेटे राहुल गांधी ( Rahul Gandhi ) द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देने के बाद फिर से शीर्ष पद की जिम्मेदारी संभाली थी। राहुल गांधी ने 2019 के लोकसभा चुनाव ( Loksabha election 2019 ) में कांग्रेस पार्टी की हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया था। हालांकि कांग्रेस पार्टी ने राहुल को इस्तीफा नहीं देने के लिए मनाने की बहुत कोशिशें कीं, लेकिन वह अपने फैसले पर डटे रहे। इसके बाद कांग्रेस कार्य समिति ने सोनिया गांधी को पार्टी का अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया।
सोनिया गांधी के नाम सबसे लंबे वक्त तक कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष ( Congress President ) रहने का रिकॉर्ड है। सोनिया गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने 2004 और 2009 में लगातार दो आम चुनावों में जीत हासिल की। पार्टी की जीत का श्रेय उन्हें दिया गया।
कांग्रेस से जुड़े छोटे से बड़े घटनाक्रमों की जानकारी रखने वाले पार्टी के एक नेता ने बताया कि अभी-अभी सोनिया गांधी अस्पताल से लौटी हैं। इसके साथ ही पार्टी भाजपा के खिलाफ लड़ाई के लिए उनके पीछे खड़ी है। उन्होंने आगे कहा, "कांग्रेस पार्टी के सभी वर्गों के लिए वह (सोनिया गांधी) नेतृत्व का केंद्र बिंदु हैं।"
गौरतलब है कि बीते सप्ताह गुरुवार शाम को सोनिया गांधी को नियमित परीक्षण और जांच के लिए दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सेहत में सुधार के बाद रविवार को उन्हें छुट्टी दे दी गई थी। गुरुवार को अस्पताल में भर्ती होने से पहले सोनिया गांधी ने कांग्रेस के सांसदों की एक बैठक भी आयोजित की थी।
यों तो कांग्रेस का पार्टी अध्यक्ष पद पर यथास्थिति बनाए रखने का रुख रहता है, लेकिन इसके बावजूद पार्टी के अंदर एक नया अध्यक्ष नियुक्त किए जाने को लेकर मांग उठती रही है। तीन मौकों पर राहुल गांधी के करीबी नेताओं ने मांग की है कि उन्हें फिर से कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष बनाया जाए।
सीडब्ल्यूसी की एक बैठक ( CWC meeting ) के दौरान राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने की मांग की थी। वहीं, कांग्रेस के लोकसभा और राज्यसभा सदस्यों की जुलाई में हुई बैठकों में भी यही मांग उठाई गई थी।