
राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के धरियावद विधानसभा के पारसोला धरियावद मार्ग पर उफनती जाखम नदी में बहकर आ रही लकड़ियों को पकड़ने के लिए मूसलाधार बारिश के बीच लोगों का तांता लगा रहा। पुलिस और प्रशासन के इस बारे में सख्त हिदायत देने के बावजूद लोग जान जोखिम में डालकर लकड़ियां निकाल रहे हैं। बीती रात से जिलेभर में लगातार बारिश के चलते जिलेभर के कई नदी नाल उफान पर चल रहे है।
धरियावद-पारसोला मार्ग के बीच में गुजर रही जाखम नदी भी पूरे वेग के साथ बह रही है। जाखम नदी में बड़े-बड़े पेड़ भी बहकर आ रहे हैं। जाखम के तेज बहाव ने जहां नदी किनारे की फसलों को तबाह कर दिया है, वहीं बहकर अपने साथ लकड़ी के रूप में गरीबों के निवाले का साधन भी बन रही है। यही वजह है कि आदिवासी अंचल के लोग बहकर आ रही लकड़ी को निकालने के चक्कर में अपनी जान जोखिम में डाल रहे है।
जाखम के तेज बहाव के बीच लकड़ियां निकालने वालों का तांता लगा रहा। प्रशासन और पुलिस की चेतावनी का भी लोगों पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। लोग जाखम नदी में बहकर आ रहे पेड़ों व उनके ठूंठों को निकालने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। निवाले के लिए पकड़ी जाने वाली लकड़ी कहीं काल न बन जाए, इसलिए प्रशासन को भी इस पर अंकुश लगाने की जरूरत है। नदियों की पुलिया पर लोगों की भीड़ होने के बाद भी पुलिस और प्रशासन का इस और कोई ध्यान नहीं है। इस लापरवही के चलते कही किसी की जान पर ना आ पड़े।
सैर सपाटे के लिए द्रव्यवती नदी को मिलेगा नया स्वरूप, देखें वीडियो-