अरनोद थाना पुलिस ने फर्जी पुलिसकर्मी बनकर आमजन और दुकानदारों पर रौब झाड़ने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है।
प्रतापगढ़। अरनोद थाना पुलिस ने फर्जी पुलिसकर्मी बनकर आमजन और दुकानदारों पर रौब झाड़ने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने राजस्थान पुलिस की नकली वर्दी पहनकर खुद को पुलिस में कार्यरत बताया और इसी झूठी पहचान के आधार पर एक सेकंड ग्रेड शिक्षिका से शादी भी कर ली थी।
जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह जोधा और वृताधिकारी चंद्रशेखर पालीवाल के मार्गदर्शन में थानाधिकारी शिवलाल मीणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की।
थाना अधिकारी शिवलाल मीना ने बताया कि 24 जनवरी को मुखबिर से सूचना मिली कि कस्बे में एक युवक लंबे समय से स्वयं को पुलिसकर्मी बताकर लोगों को गुमराह कर रहा है। सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस टीम को कस्बे में भेजा गया।
बस स्टैंड के पास स्थित एक हेयर सैलून के बाहर पुलिस टीम ने संदिग्ध युवक से पूछताछ की। दुकान संचालक ने उसे पुलिस वाले साहब कहकर संबोधित किया। पूछताछ में युवक ने खुद को राजस्थान पुलिस लाइन प्रतापगढ़ में तैनात बताया और मोबाइल में पुलिस वर्दी पहने अपनी कई फोटो भी दिखाईं।
नाम पता पूछने पर उसने अपना नाम उमेश पुत्र लक्ष्मणलाल डामोर निवासी सोबनिया थाना पीपलखूंट बताया। पुलिस लाइन प्रतापगढ़ से सत्यापन कराने पर इस नाम का कोई भी व्यक्ति पुलिस विभाग में कार्यरत नहीं मिला। सख्ती से पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने शादी के लिए यह झूठा रूप धारण किया था। उसने राजस्थान पुलिस की नकली वर्दी तैयार कर फोटो खिंचवाए और सोशल मीडिया पर डालकर खुद को सरकारी कर्मचारी बताया। इसी झूठ के आधार पर वर्ष 2023 में उसने एक सरकारी विद्यालय में कार्यरत सेकंड ग्रेड शिक्षिका से विवाह कर लिया।
आरोपी अपनी पत्नी के साथ अरनोद कस्बे में किराए के मकान में रह रहा था। वह पड़ोसियों और परिचितों को मोबाइल में वर्दी वाले फोटो दिखाकर खुद को पुलिसकर्मी बताता था। यहां तक कि वह पुलिस थानों और लाइन में भी जाकर असली पुलिसकर्मियों के साथ फोटो खिंचवाता और लोगों पर धौंस जमाता था। उसकी हेयर कट और रहन-सहन भी पुलिसकर्मियों जैसी रखता था, ताकि किसी को शक न हो।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से राजस्थान पुलिस की नकली वर्दी और वर्दी में खिंचवाई गई तस्वीरें बरामद की हैं। आरोपी के खिलाफ सरकारी कर्मचारी का प्रतिरूपण इम्परसनेशन और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी है।