प्रतापगढ़

Rajasthan: मंडी में लहसुन के दाम आसमान पर, 22,000 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंचे भाव

Garlic Price Record High: राजस्थान में इस वर्ष लहसुन के उत्पादन में आई कमी का असर अब मंडियों में साफ दिखाई देने लगा है। पिछले कुछ सप्ताह से लहसुन के भाव लगातार बढ़ रहे हैं और किसानों के साथ-साथ व्यापारियों की नजर भी बाजार की गतिविधियों पर टिकी हुई है।
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Garlic Rate Today
मंडी में लहसुन के 22 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंचे दाम, पत्रिका फोटो

Garlic Price Record High: राजस्थान में इस वर्ष लहसुन के उत्पादन में आई कमी का असर अब मंडियों में साफ दिखाई देने लगा है। पिछले कुछ सप्ताह से लहसुन के भाव लगातार बढ़ रहे हैं और किसानों के साथ-साथ व्यापारियों की नजर भी बाजार की गतिविधियों पर टिकी हुई है। प्रतापगढ़ कृषि उपज मंडी में लहसुन का उच्चतम भाव करीब 20 हजार रुपए प्रति क्विटल तक पहुंच गया, जो हाल के वर्षों के बेहतर भावों में माना जा रहा है। वहीं जिले की छोटीसादड़ी मंडी में यह भाव 22 हजार रुपए प्रत्ति किंवटल तक पहुंच गए।

व्यापारियों का कहना है कि उत्पादन में कमी और बाजार में मांग बढ़ने के कारण लहसुन के दामों में लगातार मजबूती बनी हुई है। आवक में भी धीरे-धीरे कमी आने लगी है, जिससे आने वाले दिनों में भाव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इससे किसानों ने माल रोक रखा है।

प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में घटा उत्पादन

लहसुन उत्पादन के लिए, मध्यप्रदेश और राजस्थान देश के प्रमुख राज्यों में शामिल है। इस बार मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों, फसल अवधि के दौरान तापमान में उतार-चढ़ाव और कुछ क्षेत्रों में रोग प्रकोप के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ है। किसानों और व्यापारियों के अनुसार कई क्षेत्रों में अपेक्षित उत्पादन नहीं मिल पाया, जिससे बाजार में उपलब्धता कम हुई है। गौरतलब है कि क्षेत्र में लहसुन की बुवाई अधिक क्षेत्र में की जा रही है। मध्यप्रदेश के मंदसौर, नीमच, रतलाम और राजस्थान के प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़ तथा आसपास के क्षेत्रों में उत्पादन घटने का असर अब व्यापारिक गतिविधियों में भी देखने को मिल रहा है।

घरेलू और निर्यात मांग ने बढ़ाई तेजी

व्यापारियों का कहना है कि घरेल बाजार में लहसुन की खपत लगातान बनी हुई है। होटल, रेस्टोरेंट और मसाला उद्योगों की मांग के साथ कई बड़े व्यापारिक केंद्रों से भी खरीदारी बढ़ी है। गौरतलब है कि मांग के मुकाबले आपूर्ति कम रहने से भाव में तेजी का वातावरण बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यति आगामी दिनों में आवक में उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई तो बाजार में वर्तमान तेजी बनी रह सकती है।

किसानों के चेहरे खिले

लहसुन के बढ़ते भावों ने किसानों को राहत दी है। पिछले वर्षों में कई बार किसानों को लागत के मुकाबले उचित मूल्य नहीं मिल पाया था, लेकिन इस बार बाजार की स्थिति उनके पक्ष में दिखाई दे रही है। जिन किसानों ने अच्छी गुणवत्ता का उत्पादन किया है, उन्हें बेहतर लाभ मिलने की संभावना बढ़ गई है।

व्यापारियों की राय

मंडी व्यापारी नितिन चंडालिया ने बताया कि मौजूदा परिस्थितियों में लहसुन बाजार मजबूत बना हुआ है। उत्पादन अपेक्षा से कम रहा है और मांग लगातार बनी हुई है। यदि आवक में बड़ी बढ़ोतरी नहीं होती है तो आने वाले समय में भाव में और बढ़ोतरी हो सकती है।

Published on:
25 Jun 2026 09:57 am