प्रतापगढ़

प्रतापगढ़ में नई नवेली दुल्हन के पति की करंट लगने से मौत, बेटे को बचाने में बाप ने भी गंवाई जान

प्रतापगढ़ के सुहागपुरा के करौली गांव में खेत पर काम करते समय करंट लगने से पिता श्यामलाल (34) और पुत्र ईश्वरलाल (20) की मौत हो गई। मंगलवार रात तक घर न लौटने पर पत्नी तलाशने पहुंची, जहां दोनों अचेत मिले।
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Updated: 28 Oct 2026, 3:37 PM IST
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इनसेट में मृतक ईश्वरलाल और परिजन (पत्रिका फोटो)

Rajasthan News: प्रतापगढ़ जिले के सुहागपुरा थाना क्षेत्र के करौली गांव में खेत पर कृषि कार्य करते समय विद्युत करंट की चपेट में आने से पिता-पुत्र की मौत हो गई। घटना मंगलवार की बताई जा रही है। दोनों अपने ही खेत पर काम कर रहे थे। देर रात करीब 10 बजे तक घर नहीं लौटने पर श्यामलाल की पत्नी उन्हें तलाशते हुए खेत पर पहुंची तो पिता-पुत्र अचेत अवस्था में पड़े मिले। परिजन और ग्रामीण दोनों को जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद परिवार में शोक छा गया। वहीं, करौली गांव में भी मातम पसरा हुआ है।

रात तक घर नहीं लौटे तो पत्नी पहुंची खेत पर

जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान श्यामलाल मीणा (34) पुत्र नागजी मीणा और उनके बेटे ईश्वरलाल मीणा (20) निवासी करौली के रूप में हुई है। मंगलवार को पिता-पुत्र अपने खेत पर कृषि कार्य कर रहे थे। इसी दौरान दोनों विद्युत करंट की चपेट में आ गए और अचेत हो गए।

परिवार के लोग उनके घर लौटने का इंतजार कर रहे थे। रात करीब 10 बजे तक जब दोनों घर नहीं पहुंचे तो श्यामलाल की पत्नी उन्हें तलाशने के लिए खेत पर गई। वहां पिता-पुत्र को अचेत अवस्था में देखकर उसने परिजनों और ग्रामीणों को सूचना दी। इसके बाद दोनों को तत्काल जिला चिकित्सालय ले जाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

विद्युत लाइन में फॉल्ट से करंट लगने की आशंका

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, खेत पर विद्युत लाइन में फॉल्ट होने से करंट लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। घटना के वास्तविक कारणों का पता पुलिस जांच के बाद ही चल सकेगा।

पुलिस ने शुरू की मामले की जांच

घटना की सूचना मिलने पर सुहागपुरा थाने के जांच अधिकारी बालूराम जिला चिकित्सालय की मोर्चरी पहुंचे। मृतकों के पिता नागजी ने पुलिस को रिपोर्ट दी है। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।

पांच महीने पहले हुई थी ईश्वरलाल की शादी

हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। ईश्वरलाल मीणा की शादी महज पांच महीने पहले धरियाखेड़ी गांव में हुई थी। वह अपने भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। शादी के कुछ ही महीने बाद उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

वहीं, श्यामलाल अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है और आजीविका के लिए मजदूरी पर निर्भर है। पिता-पुत्र की एक साथ मौत से परिवार के सामने दुख के साथ आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। गांव में घटना के बाद शोक का माहौल है।

Updated on:
28 Oct 2026, 3:37 PM IST
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