प्रतापगढ़

प्रतापगढ़ पहुंचे CM योगी, बैठक में बोले, शाम तक निलम्बित हो जाने चाहियें ये अधिकारी-कर्मचारी

मुख्यमंत्री ने पुलिस को आंकड़ों की बाजीगरी न करने और अपराध नियंत्रण को जमीनी हकीकत बनाने का दिया निर्देश। महिला अपराध रोकने पर दिया बल।
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UP Cm Yogi Adityanath
UP Cm Yogi Adityanath

प्रतापगढ़. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार केा प्रतापगढ़ पहुंचे। यहां उन्होंने जिले में कानून व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा की। अधिकारियों संग बैठक कर विकास कार्यों के क्रियान्वयन की प्रगति जानी। इस दौरान उन्होंने कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिये सख्ती से निर्देश दिये। अचानक ही वह जिला अस्पताल पहुंच गए और औचक निरीक्षण किया। सड़क उन्होंने जिले के जनप्रतिनिधियों संग भी बैठक की। इस दौरान उनके प्रतापगढ़ पहुंचने पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले के सामने आकर उन्हें काले झंडे भी दिखाए। कैबिनेट मंत्री मोती सिंह व जिले की प्रभारी मंत्री स्वाती सिंह के सीएम योगी की बैठक में जाने को लेकर पुलिस वालों से तीखी बहस भी हुई। बाद में सीएम योगी तक बात पहुंचने पर आलाधिकारियों ने किसी तरह मनाया तब दोनों मंत्री बैठक में शामिल हो पाए।

प्रतापगढ़ में अधिकारियों संग समीक्षा बैठक करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ IMAGE CREDIT: फोटो- सुनील सोमवंशी

मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में पुलिस विभाग को आंकड़ों की बाजीगरी न करने की हिदायत दी। कहा, जमीन हालात बेहतर दिखने चाहिये, ताकि आम आदमी के दिल में कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास और गहरा हो। महिला सुरक्षा पर विशेष बल देते हुए एंटी रोमिया अभियान को और सशक्त बनाए जाने पर बल दिया।


मिट्टी खनन को लेकर पुलिस को अवैध वसूली तत्काल रोकने का निर्देश दिया। साथ ही यह ताकीद भी किया कि, ग्रामीण अगर अपनी जरूरत के लिये मिट्टी खनन करते हैं तो उस पर वसूली नहीं होनी चाहिये। सरकार ने इस सम्बन्ध में लेवी मुक्त कर दिया है। शिकायत पाए जाने पर सीधे सेवामुक्त कर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने जल निगम में वित्तीय अनियमितता के एक मामले में नाराजगी दिखायी। उन्होंने मामले में संलिप्त अघिकारियों, कर्मचारियों को उसी दिन यानि सोमवार को ही शाम तक निलम्बित करने और उनके खिलाफ आर्थिक मामलों से सम्बन्धित धाराओं में कार्यवाही का कड़ा निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने उनकी चल-अचल सम्पत्ति का विवरण भी शासन को भेजने को कहा, ताकि दोषी पाए जाने पर उनकी सम्पत्ति जब्त की जा सके।


मुख्यमंत्री ने तहसील दिवस थना समाधान दिवसों केा अत्यधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया। कहा कि हर संभव कोशिश की जाय कि फरियादी की समस्या का निस्तारण कर ही उसे वापस भेजा जाय। उन्होंने सख्त निर्देश दिया कि कोई भी डॉक्टर अपने ऊपर के अधिकारी, चिकित्सक, एस, सीएमओ या डीएम को सूचित कर उनकी स्वीकृति के बाद ही मुख्यालय छोड़ेगा।


गरीब जरूरतमंद बीमार व्यक्तियों के लिये ग्राम निधि से 5000 रू0 की सहायता तत्काल दिये जाने के लिये व्यवस्था करने के मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हर प्रकार की छात्रवृत्तियॉ साल में 02 बार 02 अक्टूबर और 26 जनवरी तक खातों में पहुंच जानी चा चाहिये । उन्होंने इन तारीखों तक कम से कम दो बार इसकी समीक्षा करने का निर्देश दिया। पिछड़ा वर्ग व एससी/एसटी की छात्रवृत्तियों पर उन्होंने खास जोर दिया।


फसल ऋणमोचन योजना की समीक्षा के दौरान संचालन में शिकायत पाये जाने पर तत्काल कड़ी कार्यवाही की और दोषियों को सजा देने का आदेश दिया। उन्होंने डीएम को गांवों में पेयजल योजनाओं के सफल संचालन के लिये टास्कफोर्स गठित करने का आदेश दिया। साफ कहा कि किसी भी हाल में पानी की किल्लत गांवों में नहीं होनी चाहिये।


मुख्यमंत्री ने हर हाल में गांवों में 20 घण्टे और शहरी क्षेत्रों में 24 घण्टे बिना कटौती के बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके अलावा उन्होंने जनप्रतिनिधियों को एक टोल फ्री नंबर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया ताकि जनता अपना फीडबैक और शिकायतें उनके जरिये पहंचा सके। मुख्यमंत्री ने कुम्भ केा देखते हुए सड़कों के निर्माण और उन्हें गड्ढामुक्त कर लेने का काम हर हाल में अक्टूबर तक पूरा कर लेने का निर्देश दिया।


बैठक के प्रारम्भ में मुख्यमंत्री जी ने विकास कार्यो से सम्बन्धित एक प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। बैठक में प्रभारी मंत्री श्रीमती स्वाती सिंह, ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग मंत्री श्री राजेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह, सांसद श्री कुंवर हरिवंश सिंह एवं श्री विनोद सोनकर, इलाहाबाद के मण्डलायुक्त डा0 आशीष कुमार गोयल एवं विधायक सदर श्री संगम लाल गुप्ता, विधायक रानीगंज श्री धीरज ओझा, विधायक विश्वनाथगंज डा0 आर0के0 वर्मा, पूर्व विधायक श्री हरि प्रताप सिंह, पूर्व विधायक श्री बृजेश सौरभ, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री ओम प्रकाश त्रिपाठी आदि जनप्रतिनिधिगण उपस्थि थे।
by Sunil Somvanshi

Published on:
23 Apr 2018 11:50 pm
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