हाईकोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल को दिया रिकॉर्ड पेश करने का आदेश।
इलाहाबाद. हाईकोर्ट इलाहाबाद ने रजिस्ट्रार जनरल को आदेश दिया है कि वह कोर्ट के आदेश की प्रति प्रदेश के सभी जिला जजों को भेजे ताकि एससी- एसटी एक्ट के अधीन जमानतों के खारिज हो जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर अपीलों में निचली कोर्ट के रिकार्ड प्रस्तुत किया जा सके। निचली अदालतों द्वारा एससी-एसटी एक्ट के अंतर्गत जमानतें खारिज कर देने के बाद हाईकोर्ट में अपील दायर होती है और इन अपीलों के निस्तारण के लिए अब निचली कोर्ट को संपूर्ण आर्डर शीट के साथ साथ सभी अभिलेख भेजना होगा।
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यह आदेश न्यायमूर्ति जे.जे मुनीर ने सचिन ठाकुर की जमानत अर्जी पर दिया है। पूर्व में कोर्ट ने प्रदेश सरकार से जानना चाहा था कि हाईकोर्ट में एससी-एसटी एक्ट के अंतर्गत दायर जमानती अपीलों के निस्तारण की प्रक्रिया में अधीनस्थ कोर्ट के रिकार्ड कौन कौन से आए ताकि निचली कोर्ट की प्रक्रिया में व्यवधान न हो। अपर महाधिवक्ता विनोद कांत व न्यायमित्र सतीश त्रिवेदी सीनियर एडवोकेट ने कोर्ट को बताया कि निचली कोर्ट का रिकार्ड आने से वहां की सुनवाई प्रभावित नहीं होगी।
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हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि एजीए हाईकोर्ट में दायर ऐसी अपीलों की सूचना पीड़ित पक्ष को पुलिस द्वारा सूचित करे। एजीए को सूचना देने का कोर्ट को प्रमाण देना होगा। अपील की सुनवाई के समय केस डायरी एजीए के पास उपलब्ध होनी चाहिए। कोर्ट के इस आदेश से अब एससी-एसटी एक्ट में दायर अपीलों के निस्तारण में आसानी होगी।
By Court Correspondence
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