68500 शिक्षक भर्ती मामले में सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा निर्णय लिया है। याची ने अपने याचिका में कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली गई है कि लेकिन मनपसंद के जिला आवंटित नहीं किया गया है। इसी मामले को लेकर शिक्षकों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दखिक की। मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने शिक्षकों का मनपसंद जिला आवंटित करने का निर्देश प्रशासन को दिया है।
प्रयागराज: 68500 शिक्षक भर्ती मामले में सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा निर्णय लिया है। याची ने अपने याचिका में कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली गई है कि लेकिन मनपसंद के जिला आवंटित नहीं किया गया है। इसी मामले को लेकर शिक्षकों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दखिक की। मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने शिक्षकों का मनपसंद जिला आवंटित करने का निर्देश प्रशासन को दिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 68500 शिक्षक भर्ती मामले में याचिकाकर्ताओं को उनके पसंद का जिला आवंटित करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि बेसिक शिक्षा सचिव 7 अप्रैल तक कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए मुक़दमे की अगली तारीख 11 अप्रैल को रिपोर्ट प्रस्तुत करें। यह आदेश जस्टिस सलील कुमार राय ने धर्मेंद्र सिंह व 24 अन्य की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका में याचियों ने कहा है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें मनपसंद जिले में तैनाती नहीं दी गई। बेसिक शिक्षा सचिव ने याचियों को उनके मनपसंद जिले (प्रथम तीन) में भेजने की बजाय दूसरे जिलों में तैनात कर दिया। याचियों ने सचिव के आदेश को हाईकोर्ट के समक्ष चुनौती दी थी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने 14 सितंबर 2021 के आदेश में बेसिक शिक्षा सचिव को 14 जनवरी 2022 तक याचियों को उनके मनपसंद जिले में तैनाती का आदेश दिया था। आदेश का अनुपालन नहीं होने पर अवमानना याचिका दाखिल की गई। मामले में जस्टिस सलिल कुमार राय की एकलपीठ ने अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए 7 अप्रैल तक याचियों को उनके मनपसंद के जिले में तैनाती करने और मामले की सुनवाई की अगली तारीख 11 अप्रैल को कोर्ट के समक्ष विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश बेसिक शिक्षा सचिव को दिया है।