भाजपा पार्षद पवन श्रीवास्तव ने निर्वाचन आयोग से सिराथू विधानसभा से विधायक पल्लवी पटेल की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग की है। पार्षद ने यह जानकारी दी है कि निर्वाचित विधायक पल्लवी पटेल ने अपने चुनाव में संलग्न हलफनामे में दर्शाया है कि उनके खिलाफ थाना गोमती नगर लखनऊ में तमाम धाराओं में मुकदमा दर्ज है। वह अभी तक दोषमुक्त नहीं हुई हैं।
प्रयागराज: समाजवादी पार्टी के टिकट से सिराथू सीट से उपमुख्यमंत्री को चुनाव हराकर विधायक बनी पल्लवी पटेल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अब एलान हाईकोर्ट निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई शुक्रवार को करेगी। याचिका के माध्यम से यह आरोप लगाया गया है कि पल्लवी पटेल ने निर्वाचन आयोग को दिए गए शपथ पत्र में अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे की जानकारी छिपाई है। इसी मामले को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। इसके अलावा शिकायत भारत निर्वाचन आयोग से भी की गई है।
भाजपा पार्षद ने दायर की याचिका
सपा विधायक पल्लवी पटेल के चुनाव जीतने के बाद भाजपा पार्षद पवन श्रीवास्तव ने निर्वाचन आयोग से सिराथू विधानसभा से विधायक पल्लवी पटेल की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग की है। पार्षद ने यह जानकारी दी है कि निर्वाचित विधायक पल्लवी पटेल ने अपने चुनाव में संलग्न हलफनामे में दर्शाया है कि उनके खिलाफ थाना गोमती नगर लखनऊ में तमाम धाराओं में मुकदमा दर्ज है। वह अभी तक दोषमुक्त नहीं हुई हैं।
इसके साथ ही चुनाव के पूर्व सभी प्रत्याशियों को आदेश था कि वह अपने जिले के सर्वाधिक बिक्री वाले तीन सम्मानित समाचार पत्रों में तीन बार अपने व्यक्तित्व एवं चरित्र के बारे में पूरी सूचना से अवगत कराएं, ताकि जनता अपने प्रतिनिधि के बारे में जान सके। यह सभी कार्य विधायक द्वारा नहीं किया गया था।
उपमुख्यमंत्री को हराकर बनी विधायक
यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में सिराथू सीट से पल्लवी पटेल निर्वाचित हुई हैं। पटेल ने अपने निकटत प्रतिद्वंद्वी और प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को कड़े मुकाबले में पराजित किया था। उपमुख्यमंत्री गृह जनपद होने के बावजूद यहां से हार का सामना करना पड़ा है। इसके साथ ही मौर्य यहां से 2012 में विधायक चुने जा चुके हैं। इसके अलावा 2014 में वह फुलपुर लोकसभा सीट से सांसद भी बन चूंके हैं।