याचिका पर अधिवक्ता आर एन यादव व अभिषेक कुमार यादव ने बहस की। याची का कहना है कि एस डी एम शाहगंज व तहसीलदार ने शिकायत पर गांव सभा की चारागाह भूमि से अवैध कब्जा हटाने का निर्देश दिया है किन्तु अधिकारी अपने आदेश का पालन नहीं करा पा रहे हैं। गांव के ही दस परिवारों ने चारागाह भूमि पर मडही टीनशैड,व पक्का घर बना लिया है।
प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जौनपुर जिले की शाहगंज तहसील के पूरा सरवन गांव सभा की चारागाह भूमि पर अवैध कब्जा हटाने के मामले में राज्य सरकार से तीन हफ्ते में जवाब मांगा है।याची का कहना है कि तहसीलदार ने 2018मे ही अतिक्रमण करने वाले दस परिवारों को बेदखल करने का आदेश जारी किया है किन्तु उसका पालन नहीं किया जा रहा है। याचिका की सुनवाई 16जुलाई को होगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने बलिराम की जनहित याचिका पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता आर एन यादव व अभिषेक कुमार यादव ने बहस की। याची का कहना है कि एस डी एम शाहगंज व तहसीलदार ने शिकायत पर गांव सभा की चारागाह भूमि से अवैध कब्जा हटाने का निर्देश दिया है किन्तु अधिकारी अपने आदेश का पालन नहीं करा पा रहे हैं।
गांव के ही दस परिवारों ने चारागाह भूमि पर मडही टीनशैड,व पक्का घर बना लिया है। नियमानुसार चारागाह की भूमि का पट्टा नहीं किया जा सकता और न ही इसे आवंटित किया जा सकता है।ऐसे में सार्वजनिक भूमि पर कब्जा हटाने के आदेश का पालन किया जाए।
यह भी पढ़ें: Allahabad High Court: मास्टरमाइंड जावेद अहमद की पत्नी करेगी ध्वस्तीकरण के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका, जानिए वजह कुछ वकीलों ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर याचिका कायम कर हस्तक्षेप करने की मांग की थी।कोई याचिका कायम नहीं होने के कारण परिवार ने याचिका दायर करने की तैयारी की है। अधिवक्ता के के राय ने बताया कि याचिका की तैयारी की जा रही है।कल दाखिल की जायेगी।और कोर्ट से सुनवाई की प्रार्थना की जायेगी।