इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को क्रिकेटर यश दयाल की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा कि एक-दो दिन के लिए किसी को मूर्ख बनाया जा सकता है, लेकिन 5 साल के रिश्ते में नहीं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को क्रिकेटर यश दयाल की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा, "एक-दो दिन के लिए किसी को मूर्ख बनाया जा सकता है, लेकिन 5 साल के रिश्ते में नहीं।" यश दयाल ने अपने खिलाफ दर्ज की गई यौन उत्पीड़न की एफआईआर के खिलाफ याचिका दाखिल की थी।
जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और अनिल कुमार की खंडपीठ ने सुनवाई की। कोर्ट ने शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 4-6 हफ्तों में होगी। 27 वर्षीय यश दयाल आईपीएल चैंपियन आरसीबी के तेज गेंदबाज हैं। उनके खिलाफ गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने में 6 जुलाई को BNSS की धारा 69 (धोखे से यौन संबंध) के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था।
एक युवती ने उन पर शादी का झांसा देकर कई साल तक यौन शोषण करने का आरोप लगाया है। युवती का कहना है कि 5 साल पहले उनकी मुलाकात यश दयाल से हुई थी। युवती ने दावा किया कि यश ने शादी का वादा कर शारीरिक संबंध बनाए और उसे अपने परिवार से मिलवाया। इस युवती का आरोप है कि यश दयाल ने बाद में धोखा दे दिया और शादी करने से इनकार कर दिया।
युवती ने आरोप लगाया कि यश ने उसका मानसिक और आर्थिक शोषण किया, कई अन्य लड़कियों से भी शारीरिक संबंध रखे और उसके साथ शारीरिक हिंसा की। युवती का कहना है कि इन हालात की वजह से वह डिप्रेशन में चली गई और आत्महत्या की कोशिश भी की। इस युवती ने ये दावा भी किया है कि उसके पास चैट, वीडियो और फोटो जैसे सबूत हैं।
यश दयाल के वकील गौरव त्रिपाठी ने बताया कि यश ने इस एफआईआर को कोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। यश ने 8 जुलाई को प्रयागराज पुलिस से शिकायत की थी कि युवती ने उनका आईफोन और लैपटॉप चुराया और जबरन शादी का दबाव बनाया।
खुल्दाबाद इंस्पेक्टर सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि यश दयाल की तरफ से कई गई शिकायत की जांच चल रही है, लेकिन अभी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। यश ने गाजियाबाद पुलिस को जवाब में कहा कि उनकी युवती से सिर्फ दोस्ती थी और शादी का कोई वादा नहीं किया था। दो साल पहले यश दयाल इंस्टाग्रम पर एक इसलाम विरोधी स्टोरी पोस्ट करने के बाद विवाद में आए थे। यश दयाल ने अपनी इस स्टोरी को सोशल मीडिया से हटा दिया था।