प्रयागराज

बुर्का पहनों…इस्लाम अपना लो, हिंदू छात्राओं को बरगलाने मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिया यह फैसला

Moradabad Religious Conversion Case : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुरादाबाद की दो मुस्लिम छात्राओं के खिलाफ FIR रद्द करने से मना कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि धर्म थोपना 2021 के अधिनियम का उल्लंघन है। सीसीटीवी फुटेज में हिंदू छात्रा को जबरन बुर्का पहनाते हुए देखा गया था।
2 min read
Feature image
इलाहाबाद हाईकोर्ट, PC- Patrika

प्रयागराज : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुरादाबाद के एक संवेदनशील मामले में कक्षा 12 की दो मुस्लिम छात्राओं (अलीना उर्फ अलीना परवीन और शाबिया) के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने से साफ इनकार कर दिया है। इन पर उत्तर प्रदेश गैर-कानूनी धर्मांतरण निषेध अधिनियम, 2021 की धारा 3 और 5(1) के तहत आरोप है कि उन्होंने अपनी हिंदू सहपाठी को बुर्का पहनाने और इस्लाम अपनाने के लिए दबाव डाला।

जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने 11 पृष्ठों के आदेश में सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, 'हमें इस स्थिति के प्रति सचेत रहना चाहिए कि 2021 का अधिनियम समाज में ऐसी स्थितियों को रोकने के लिए बनाया गया है, जिसमें कुछ लोग अपने धर्म का प्रचार-प्रसार नहीं करते, बल्कि उसे दूसरों पर थोपते हैं। युवाओं में अगर यह रुझान बढ़ रहा है तो यह और भी चिंताजनक है। इस उम्र में उन्हें शिक्षा, कौशल विकास और समाज-राष्ट्र की सेवा पर ध्यान देना चाहिए, न कि दूसरों पर धर्म थोपने पर।'

मुरादाबाद के बिलारी थाने में पीड़िता (कक्षा 12 की हिंदू छात्रा) के भाई ने जनवरी 2026 में FIR (क्राइम नंबर 21/2026) दर्ज कराई थी। आरोप है कि पांच मुस्लिम सहपाठियां (जिनमें अलीना और शाबिया बालिग हैं) स्थानीय ट्यूशन सेंटर पर पढ़ने वाली अपनी हिंदू सहेली को बार-बार इस्लाम अपनाने के लिए उकसाती थीं। दिसंबर 2025 में एक घटना में इन लड़कियों ने रास्ते में जबरन बुर्का लाकर पीड़िता को पहना दिया। गली के CCTV कैमरे में यह दृश्य कैद हुआ है।

पीड़िता ने BNSS की धारा 180 और 183 के तहत दिए बयानों में बताया कि सहेलियां मांसाहारी भोजन (ग्रेवी) लाकर उसे खाने का लालच देती थीं और हिंदू धर्म के प्रति घृणा पैदा करने की कोशिश करती थीं। एक आरोपी (अलीना) ने इतना ब्रेनवॉश किया कि पीड़िता घरवालों की बात भी नहीं सुनती थी।

कोर्ट ने जांच में जुटाई गई सामग्री (CCTV सहित) को देखते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया गंभीर मामला बनता है, जिसकी गहन जांच जरूरी है। इस चरण में FIR रद्द करना 2021 के कानून को कमजोर करने के समान होगा। याचिकाकर्ता शाबिया को पहले दिया गया अंतरिम राहत आदेश भी रद्द कर दिया गया। पुलिस को ऐसे मामलों को गंभीरता से लेने के आदेश दिए हैं।

Updated on:
17 Apr 2026 09:41 pm
Published on:
17 Apr 2026 09:41 pm
Also Read
View All
कानपुर लखनऊ एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे के बाद राम वनगमन पथ में आई दरार, प्रयागराज में सड़क धसी, क्या कहते हैं उपमुख्यमंत्री

प्रयागराज में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अखिलेश यादव बेरोजगार, 2047 तक कोई उम्मीद नहीं, राम वन गमन पथ पर भी बोले

इलाहाबाद हाईकोर्ट का कड़ा रुख, आदेशों की अवहेलना पर जौनपुर SSP और ADG वाराणसी जोन तलब

Kaushambi Blast News: यूपी पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में बड़ा एक्शन, इंस्पेक्टर समेत 8 पुलिसकर्मी सस्पेंड

‘छोटे-छोटे भाई और मम्मी-पापा थे’ धमाके के बाद अपनों को तलाशता रहा मासूम, प्रयागराज में पटाखा फैक्ट्री में 3 की मौत