इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मौजूद प्रमुख सचिव विधि एवं न्याय को उपस्थिति से छूट दे दी है। शासकीय अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि अन्य सभी मामलों में मांगी गई जानकारी उपलब्ध है। महाधिवक्ता व शासकीय अधिवक्ता कार्यालय में फिर से काम काज शुरू हो गया है। कोर्ट ने कहा कि जिसकी जरूरत है, प्रदेश सरकार को भेजे और वित्त सचिव बजट मुहैया कराये ताकि जली फाइलों का पुनर्निर्माण सहित अन्य व्यवस्थाएं की जा सकें।
प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महाधिवक्ता कार्यालय में आग लगने की वजह से अभी तक कार्यालय को सम्पूर्ण रूप शुरू नहीं किया है। आग की घटना से बिल्डिंग में बहुत से काम अधूरे हैं और जली फाइलों के पुनर्निर्माण को लेकर हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव न्याय को तलब किया और व्यवस्था सुधारने के लिए दो हफ्ते का समय दिया है। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि इस अवधि में बजट देकर समुचित व्यवस्था नहीं की गई तो कोर्ट कड़ी कार्रवाई करेगी। जमानत अर्जी पर 22 अगस्त को सुनवाई होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने समीर की जमानत अर्जी की सुनवाई करते हुए दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मौजूद प्रमुख सचिव विधि एवं न्याय को उपस्थिति से छूट दे दी है। शासकीय अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि अन्य सभी मामलों में मांगी गई जानकारी उपलब्ध है। महाधिवक्ता व शासकीय अधिवक्ता कार्यालय में फिर से काम काज शुरू हो गया है। कोर्ट ने कहा कि जिसकी जरूरत है, प्रदेश सरकार को भेजे और वित्त सचिव बजट मुहैया कराये ताकि जली फाइलों का पुनर्निर्माण सहित अन्य व्यवस्थाएं की जा सकें।
प्रमुख सचिव न्याय को किया तलब
जमानत अर्जियों पर मांगी गई जानकारी उपलब्ध न हो पाने व सरकारी फाइलों की उपलब्धता न होने के कारण कोर्ट ने प्रमुख सचिव को तलब किया था। कोर्ट ने शासकीय अधिवक्ता शिव कुमार पाल के प्रयासों की सराहना की और उम्मीद जताई कि दो हफ्तों में व्यवस्था दुरुस्त कर ली जाएगी। जिससे न्याय कार्य बाधित न हो और सुचारू रूप से न्याय कार्य जारी रहे।11:49 PM