सपा अध्यक्ष ने कहा कि छात्रसंघ लोकतंत्र के नए प्राइमरी होती है 783 दिनों से छात्रसंघ बहाली की मांग व 400% फीस वृद्धि के विरोध में 7 दिनों से चल रहे आमरण अनशन कहीं न कहीं भाजपा सरकार से नाउम्मीदगी का प्रतीक है। यदि छात्रों की बात जल्द से जल्द नहीं मानी गई तो जन आंदोलन होगा। छात्रों को सोशल मीडिया के माध्यम से राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व एनएसयूआई का भी समर्थन मिला है।
प्रयागराज: इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ भवन पर फीस वृद्धि के विरोध में व छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर चल रहे छात्रसंघ संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्व में अनशन का 784वां दिन व आमरण अनशन का 8 वां दिन भी जारी रहा। फीस वृद्धि के विरोध में आमरण अनशन के आठवें दिन सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का ट्वीट व फेसबुक के माध्यम से समर्थन मिला है।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि छात्रसंघ लोकतंत्र के नए प्राइमरी होती है 783 दिनों से छात्रसंघ बहाली की मांग व 400% फीस वृद्धि के विरोध में 7 दिनों से चल रहे आमरण अनशन कहीं न कहीं भाजपा सरकार से नाउम्मीदगी का प्रतीक है। यदि छात्रों की बात जल्द से जल्द नहीं मानी गई तो जन आंदोलन होगा। छात्रों को सोशल मीडिया के माध्यम से राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व एनएसयूआई का भी समर्थन मिला है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में फंड की व्यवस्था के लिए प्रत्येक छात्र मदन मोहन मालवीय बन गया है और विश्वविद्यालय को फंड प्रदान करने के लिए घूम-घूम कर भिक्षा मांग रहे हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ उपाध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि हमारे विश्वविद्यालय के ही एक पूरा छात्र जब भिक्षा मांग कर एक विश्वविद्यालय खड़ा कर सकते हैं तो हम लोग अपने अग्रज के दिखाए हुए रास्ते पर चलकर एक विश्वविद्यालय की व्यवस्था तो संभाल ही सकते हैं। आमरण अनशन पर बैठे एक छात्र आयुष प्रियदर्शी की तबीयत बिगड़ी उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।