मामले में कोर्ट ने कहा है की मामला गंभीर है। इसलिए विरोधी पार्टियां जवाब दाखिल करें। इसके साथ ही मामले में सुनवाई के लिए 25 जुलाई की तिथि निर्धारित की है। न्यायालय को याची ने बताया कि 16 मई को दर्ज एफआईआर में यह बताया कि कि विजय माल्या से अधिक सीरियस फ्रॉड किया गया है। इसमें 1514 करोड बैंक व 570 करोड लेनदारों के पैसे का घपला करने का आरोप लगाया गया है।
प्रयागराज: देश के जाने माने उधोगपति अनिल अंबानी को उत्पीड़न की कार्रवाई मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली है। मामले में डेढ़ लाख करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड मामले में उद्योगपति अनिल धीरूभाई अंबानी,उनकी पत्नी टीना अंबानी सहित परिवार व कंपनी के अन्य लोगों के खिलाफ बुलंदशहर के जहांगीराबाद थाने में दर्ज एफआईआर में उत्पीड़न की करवाई पर रोक रोक लगा दी है। इसके साथ ही सेबी, आरबीआई और स्टेट बैंक सहित अन्य को कोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मामले में यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीत अग्रवाल और न्यायमूर्ति गौतम चौधरी ने पवन कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
मामले में कोर्ट ने कहा है की मामला गंभीर है। इसलिए विरोधी पार्टियां जवाब दाखिल करें। इसके साथ ही मामले में सुनवाई के लिए 25 जुलाई की तिथि निर्धारित की है। न्यायालय को याची ने बताया कि 16 मई को दर्ज एफआईआर में यह बताया कि कि विजय माल्या से अधिक सीरियस फ्रॉड किया गया है। इसमें 1514 करोड बैंक व 570 करोड लेनदारों के पैसे का घपला करने का आरोप लगाया गया है।
मामले में याची का कहना है कि स्थानीय पुलिस सही विवेचना नहीं कर सकती। इसलिए केस सीबीआई को स्थानांतरित किया जाए। याचिका में ईडी ( प्रवर्तन निदेशालय) को भी पक्षकार बनाया गया है। याची की अर्जी पर एसीजेएम बुलंदशहर के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में न्यायालय अब 25 जुलाई को सुनवाई करेगा।