
Allahabad High Court: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजीपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी को एक बड़े कानूनी मामले में फौरी राहत दी है। शस्त्र लाइसेंस की ओरिजिनल फाइल गायब कराने के आरोप में दर्ज एफआईआर के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है। अब मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त को होगी।
पूरा मामला गाजीपुर के थाना कोतवाली से जुड़ा हुआ है। वहां 22 जुलाई 2026 को सांसद अफजाल अंसारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। आरोप है कि उन्होंने सरकारी दफ्तर के शस्त्र लिपिकों के साथ साठगांठ की। इसके बाद अपने शस्त्र लाइसेंस की असली पत्रावली को दफ्तर से गायब करवा दिया।
इस मामले में दो तत्कालीन शस्त्र लिपिकों को भी आरोपी बनाया गया है। इनमें तत्कालीन शस्त्र लिपिक गौरीशंकर लाल और शस्त्र लिपिक द्वितीय सुग्रीव तिवारी शामिल हैं। इन तीनों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 409, 120-बी और 419 लगाई गई है। इसके अलावा आर्म्स एक्ट की धारा 21, 25 और 30 के तहत भी केस दर्ज किया गया है। पुलिस इन सभी धाराओं के तहत मामले की जांच कर रही है।
गाजीपुर में दर्ज इसी एफआईआर को रद्द कराने के लिए अफजाल अंसारी ने हाईकोर्ट का रुख किया था। उन्होंने अपने वकील के जरिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। याचिका में मांग की गई कि इस एफआईआर को खारिज किया जाए। साथ ही केस की सुनवाई पूरी होने तक उनकी गिरफ्तारी पर भी रोक लगाई जाए। जब याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के वकील ने अदालत से समय मांगा। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में निर्देश प्राप्त करने और अपना पक्ष रखने के लिए समय चाहिए।
अदालत ने राज्य सरकार की इस मांग को स्वीकार कर लिया। हाईकोर्ट ने सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए मोहलत दे दी। इसके साथ ही कोर्ट ने सांसद को बड़ी राहत भी दी। हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि अगली सुनवाई तक अफजाल अंसारी की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक रहेगी। इस फैसले से सपा सांसद को फिलहाल गिरफ्तारी से बड़ी सुरक्षा मिल गई है।