कुछ दिनों से महंत बलबीर गिरि और स्वामी अमर गिरि में पद को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी के हस्तक्षेप के बाद अमर गिरि को फिर से यह जिम्मेदारी महंत बलवीर गिरि ने सौंपी। इसके साथ ही अमर गिरि ने बड़े हनुमान मंदिर के व्यवस्था का कामकाज पूर्ववत संभाल लिया है।
प्रयागराज: महंत नरेंद्र गिरि की खुदकुशी के बाद बाघम्बरी मठ का उत्तराधिकारी बलबीर गिरि को बनाया गया। इसके बाद से मठ और मंदिर की जिम्मेदारी बलबीर गिरि सौंप दी गई। महंत नरेंद्र गिरि के अनुसार शिष्य स्वामी अमर गिरि को बड़े हनुमान में मंदिर के व्यवस्थापक पद पर जिम्मेदारी मिली थी। कुछ दिनों से महंत बलबीर गिरि और स्वामी अमर गिरि में पद को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी के हस्तक्षेप के बाद अमर गिरि को फिर से यह जिम्मेदारी महंत बलवीर गिरि ने सौंपी। इसके साथ ही अमर गिरि ने बड़े हनुमान मंदिर के व्यवस्था का कामकाज पूर्ववत संभाल लिया है।
फिर से अमर गिरि की हुई वापसी
संगम स्थित बड़े हनुमान मंदिर में स्वामी अमर गिरि की शनिवार को वापसी हो गई। वह फिर व्यस्थापक के पद पर कार्यभार सम्भाल लिया है। शनिवार को बलबीर गिरि नेद कि मंदिर के दान और चढ़ावा की रसीदों के रजिस्टर को अमर गिरि को सौंपने के बाद महंत बलवीर गिरि हरिद्वार रवाना हो गए हैं।
अमर गिरि ने हाईकोर्ट में दाखिल किया है हलफनामा
महंत नरेंद्र गिरि की मौत की केस वापसी का हलफनामा हाईकोर्ट में दायर करने के बाद अमर गिरि से बड़े हनुमान मंदिर की व्यवस्था छीन ली थी। इसे लेकर अमर गिरि और बलवीर गिरि में विवाद खड़ा हो गया था। इसकी जानकारी अखाड़ा परिषद अध्यक्ष व निरंजनी अखाड़े अध्यक्ष रवींद्र पूरी को जानकारी मिलते ही वह विवाद को सुलह करने बाघम्बरी गद्दी पहुंचे। अध्यक्ष के कहने पर अमर गिरि को फिर जिम्मेदारी वापस मिली है।