मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, लखनऊ की अदालत ने आरोपी मोहम्मद आदिल, मोहम्मद सईद, मोहम्मद इरफान, मोहम्मद आतिफ, मोहम्मद रेहान और मोहम्मद लुकमान को 20 हज़ार रुपये के निजी मुचलके और न्यायालय की संतुष्टि के लिए इतनी ही राशि के दो जमानतदार पेश करने की शर्त पर जमानत दे दी।
लखनऊ के लुलु मॉल में सार्वजनिक रूप से नमाज अदा करने के आरोप में यूपी पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किये गए। नमाज पढ़ने का वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने कार्रवाई की थी। इस मामले में लखनऊ की स्थानीय अदालत ने छह आरोपियों की जमानत अर्जी मंजूर करते हुए जमानत दे दी है।
मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, लखनऊ की अदालत ने आरोपी मोहम्मद आदिल, मोहम्मद सईद, मोहम्मद इरफान, मोहम्मद आतिफ, मोहम्मद रेहान और मोहम्मद लुकमान को 20 हज़ार रुपये के निजी मुचलके और न्यायालय की संतुष्टि के लिए इतनी ही राशि के दो जमानतदार पेश करने की शर्त पर जमानत दे दी।
आरोपी की तरफ से वकील जीशान अल्वी ने कहा कि उनके मुवक्किलों ने नमाज नहीं पढ़ी और अगर उन्होंने पढ़ी भी तो गिरफ्तारी अवैध थी क्योंकि आरोपियों को सीआरपीसी की धारा 41 ए द्वारा अनिवार्य नोटिस जारी नहीं किया गया और यूपी पुलिस ने अर्नेश कुमार और सतेंद्र कुमार अंतिल मामले में जारी दिशा-निर्देश का पालन नहीं किया है।इस मामले में यह ध्यान दिया जा सकता है कि लखनऊ पुलिस ने उन पर आईपीसी की धारा 153 ए (1), 341, 505, और धारा 295ए आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया था, जिसमें 7 साल से कम की सज़ा का प्रावधान है।
12 जुलाई को पढ़ी गई थी नमाज, वीडियो हुआ था वायरल
लखनऊ के लुलु मॉल में 12 जुलाई को बिना अनुमति के नमाज अदा करने वाले व्यक्तियों के एक समूह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद एक विवाद छिड़ गया। इसके बाद हिन्दू पक्ष ने मॉल में घुसकर हनुमान चालीसा भी पढ़ने की कोशिश की थी। नमाज पढ़ने को लेकर लुलु मॉल के प्रशासन ने इस घटना को लेकर सुशांत गोल्फ सिटी थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी और कार्रवाई की गई थी।