
प्रयागराज: 2025 में संगमनगरी में देश-दुनिया का सबसे बड़ा धर्मिक आयोजन महाकुंभ का होगा। जिसको लेकर प्रयागराज में तैयारी शुरू हो गई है। दूर-दूर से आने वाले पर्यटक, श्रद्धालु और स्नानार्थियों को हर सुविधा मिले इसकी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। आगामी साल 2025 में होने वाले महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को जल एडवेंचर की सुविधा मिलेगी। पर्यटकों को संगम में मिनी क्रूज और स्टीमर की सुविधा दी जाएगी। 2024 के माघ मेले में इसकी ट्रायल की जाएगी। इसके बाद 2025 महाकुंभ में आम श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी।
संगम सैर के लिए यह होगी सुविधा
यह कार्य 2024 माघ मेले तक पूरा कर लिया जाएगा। महाकुंभ के दौरान पर्यटकों को जल परिवहन से जुड़ी सुविधाओं के लिए मिनी क्रूज, स्टीमर और मोटर बोट से संगम जाने के लिए दो फ्लोटिंग जेटी बनाई जाएंगी। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से 14 करोड़ रुपये पर्यटन विभाग को दे दिए गए हैं। एक जेटी नए व पुराने यमुना पुल के बीच में बोट क्लब के पास बनेगी, जबकि दूसरी अरैल व लवायन कला के बीच होगी।
बनेगा पिकनिक स्पॉट पॉइंट
महाकुंभ को लेकर राज्य सरकार पूरी तैयारी में है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों को हर मूलभूत सुविधा दी जाएगी। फ्लोटिंग जेटी के पास पिकनिक स्पाट के तौर पर भी विकसित किया जाएगा। दो मंजिली फ्लोटिंग जेटी में चेंजिंग रूम, वेटिंग रूम, टायलेट होगा। पास में ही पार्किंग की सुविधा होगी।
गंगा-यमुना का अलग-अलग मार्ग है निर्धारित
2025 महाकुंभ से पहले बनकर तैयार होने वाले फ्लोटिंग जेटी की लंबाई 35 फिट होगी और चौड़ाई 8 फिट होगी। इस जेटी से ही लोग क्रूज और स्टीमर पर सवार होकर सैर करेंगे। इसके लिए जल परिवहन विभाग ने द्वारा अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए जाएंगे। विभाग द्वारा मार्ग तैयार करने के लिए सर्वे पूरा कर लिया गया है।
जाने क्या-क्या होगी व्यवस्था
महाकुंभ में पर्यटक, श्रद्धालु और स्नानार्थियों के लिए 14 करोड़ रुपये की लागत से दो फ्लोटिंग जेटी गंगा और यमुना में बनेंगी। इसके लिए 10 स्टीमर, दो मिनी क्रूज और 20 मोटर बोट की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा 02 स्थानों पर गंगा व यमुना के किनारे पिकनिक स्पाट बनाए जाएगा। इसके साथ ही यह ट्रायल के तौर पर 2024 के माघ मेला में ही इसकी सहूलियत मिल जाएगी।
जाने क्या बोले अधिकारी
कार्यालय प्रभारी, भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण,प्रयागराज अशोक कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से पर्यटन विभाग को धनराशि दे दी गई है। जल्द ही इसका कार्य भी शुरू हो जाएगा। महाकुंभ के मद्देनजर यह सेवा शुरू की जाएगी। ऐसा करने से जल पर्यटन के क्षेत्र में बढ़ावा मिलेगा।