याची का कहना है कि याची और विपक्षी के बीच मकान नं 159/101बहादुरगंज के बंटवारे का 2008मे वाद दायर किया गया।इससे पहले दोनों पक्षों के बीच 2006 में पारिवारिक समझौता हो चुका था।याची का कहना है कि मकान का आधा हिस्सा उसने बैनामा ले लिया है और आधा हिस्सा भी समझौते के आधार पर उसे मिला है।विपक्षी का निवास 236/237लोहिया पांडेय का हाता, मुट्ठीगंज में है।
प्रयागराज: आपराधिक घटना से दो साल पहले मौत की आगोश में जा चुके के चश्मदीद गवाह गौरव वैश्य की तलाश कर रही कोतवाली, प्रयागराज की पुलिस को उसके मिलने पर बयान अंकित करने का इंतजार है। पुलिस ने मृतक चश्मदीद के पिता विजय वैश्य के घर घटना स्थल का निरीक्षण करने के बाद रिपोर्ट पेश की है। कोर्ट ने विपक्षी शिकायत कर्ता विजय वैश्य को नोटिस जारी किया है और राज्य सरकार से तीन हफ्ते में जवाब मांगा है। इस मामले में 6 मार्च 21को धारा 506व 448के अंतर्गत दाखिल पुलिस चार्जशीट व आपराधिक केस की सुनवाई प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति श्रीप्रकाश सिंह ने बहादुर गंज निवासी अमर नाथ वैश्य व दो अन्य की याचिका पर दिया है।
याची का कहना है कि याची और विपक्षी के बीच मकान नं 159/101बहादुरगंज के बंटवारे का 2008मे वाद दायर किया गया।इससे पहले दोनों पक्षों के बीच 2006 में पारिवारिक समझौता हो चुका था।याची का कहना है कि मकान का आधा हिस्सा उसने बैनामा ले लिया है और आधा हिस्सा भी समझौते के आधार पर उसे मिला है।विपक्षी का निवास 236/237लोहिया पांडेय का हाता, मुट्ठीगंज में है।इसके बावजूद उसने पुश्तैनी बहादुर गंज स्थित मकान को हथियाना चाहता है और याची को परेशान करने के लिए झूठा केस दर्ज कराया है। याची और उसके दोनों बेटों पर मां को जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाया है।
एफआईआर में ही लिखा है कि शोर सुनकर शिकायत कर्ता का बेटा गौरव वैश्य भी पहुंचा।उसके सामने गाली गलौज की घटना हुई। याची ने मृत्यु प्रमाणपत्र पेश किया कि गौरव वैश्य की मौत घटना के लगभग दो साल पहले दो फरवरी 19को मौत हो चुकी है।घटना 10नवंबर 20की बताई गई है। याची का कहना है कि केस फर्जी है,जिसे रद किया जाय। याचिका की अगली सुनवाई 18अगस्त को होगी।