Magh Mela 2022: संगमनगरी में लगने वाले सबसे बड़े धार्मिक आयोजन माघ मेले की शुरुआत 14 जनवरी से हो जाएगी। माघ मेले में संतों का आगमन शुरू हो गया है। संत अपने-अपने शिविर के लिए पंडाल निर्माण कार्य को पूरा कराने में व्यस्थ नजर आए। माघ मेले में पहुंचे अयोध्या से आए हनुमगढ़ी के महाराज कमल दास ने पत्रिका न्यूज नेटवर्क से खास बात करते हुए कहा कि माघ मेले में कोरोना नियमों का कड़ाई से पालन हो इसके लिए संत समाज श्रद्धालुओं से आवाहन करेगा।
प्रयागराज: संगमनगरी में लगने वाले सबसे बड़े धार्मिक आयोजन माघ मेले की शुरुआत 14 जनवरी से हो जाएगी। माघ मेले में संतों का आगमन शुरू हो गया है। संत अपने-अपने शिविर के लिए पंडाल निर्माण कार्य को पूरा कराने में व्यस्थ नजर आए। माघ मेले में पहुंचे अयोध्या से आए हनुमगढ़ी के महाराज कमल दास ने पत्रिका न्यूज नेटवर्क से खास बात करते हुए कहा कि माघ मेले में कोरोना नियमों का कड़ाई से पालन हो इसके लिए संत समाज श्रद्धालुओं से आवाहन करेगा।
इसके साथ ही देश से कोरोना वायरस का प्रकोप कम हो इसके लिए विशेष अनुष्ठान और पूजा पाठ करेगा । संत और महात्मा मिलकर इस आपदा से मिपटने के लिए माघ मेला और संगम के तीरे देश में खुशहाली आए इसके लिए पूजा करेंगे।
कोरोना से जागरूकता का चलेगा अभियान
महाराज कमल दास ने कहा कि माघ मेले में आने वाले संतों को कोरोना से जागरूक किया जाएगा। मेला में आने वाले कल्पवासी और श्रद्धालुओं को कोविड के नियमों का पालन कराया जाएगा। इसके साथ ही सभी भक्तों को कोविड-19 टीकाकरण प्रमाणपत्र दिखाना अनिवार्य है। संतों के शिविर में आने से पहले भक्तों को इन नियमों से निश्चित रूप से गुजरना होगा। मेला क्षेत्र में संत समाज सभी भक्तों को कोरोना से कैसे बचें इसके लिए अभियान के माध्यम से जागरूक करेगा। योगी सरकार ने संतों के लिए बहुत कुछ किया है, इसीलिए माघ मेले में आने वाले संत भाजपा सरकार के नियमों पालन करेगा और मेला सकुशल सम्पन्न हो इसकी कमान भी करेगा।
माघ मेले में होगा विशेष पूजा
माघ मेले में पहुंचे अयोध्या के महंत कमल दास ने कहा कि जिस तरह यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कोरोना से लड़ाई लड़ी है, उसी तरह से माघ मेले में लड़ाई जारी रहेगी। सरकार के नियमों का पालन होगा और देश से कोरोना खत्म हो इसके लिए पूजा अर्चना होगा। देश से यह आपदा जल्दी ही खत्म हो इसके लिए माघ मेले आने वाले सभी संत,महत्मा मिलकर विशेष अनुष्ठान और संगम किनारे पूजा अर्चना करेंगे। माघ मेले में कोरोना का प्रवेश न हो इसके लिए संतों सतर्क किया जाएगा कि एक दूसरे से दूरी बनाए।