
Prayagraj Ram Van gaman path: प्रयागराज में राम वन गमन पथ के निर्माण कार्य में घोर लापरवाही निकलकर सामने आई है। जब लोकार्पण के पहले ही राम वन गमन पथ पर कई स्थानों पर दरारें आ गई है। गंगापुल के पास राम वन गमन पथ धस गया है। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। राम वन गमन पथ का निर्माण कार्य भी लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे बनाने वाली एजेंसी कर रही है। प्रयागराज दौरे के दौरान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राम वन गमन पथ में आई दरार पर पूछे गए सवाल पर कहा कि बारिश के दिनों में सड़क धसने की घटनाएं होना नॉर्मल है। फिर भी जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी। मामला श्रृंगवेरपुर के पास का है।
उत्तर प्रदेश के अयोध्या से चित्रकूट के बीच 210 किलोमीटर का राम वन गमन पथ बनाया जा रहा है। राम वन गमन पथ सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, श्रृंगवेरपुर धाम प्रयागराज, कौशांबी होते हुए चित्रकूट को अयोध्या से जोड़ेगी। परियोजना का शिलान्यास 2022 में किया गया था। जिस पर करीब 4,400 करोड रुपए खर्च होने का अनुमान है। इसके बनने से अयोध्या से चित्रकूट के बीच का आवागमन काफी आरामदायक और सुलभ हो जाएगा। राम वन गमन पथ नाम ही इस मार्ग की पहचान है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम वनवास के बाद इन्हीं क्षेत्रों से होकर चित्रकूट पहुंचे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है।
लेकिन लोकार्पण के पहले ही राम वन गमन पथ चर्चा में आ गया। जब श्रृंगवेरपुर प्रयागराज के पास बड़ी-बड़ी दरारें आ गई है। दोनों लेन पर यही स्थिति है। यहां तक की पुल की ओर जाने वाला एप्रोच मार्ग भी अपनी जगह छोड़ चुका है। जगह-जगह सड़क धस गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य में घोर लापरवाही बरती गई है। जिसके कारण सड़क पर दरार आ रही है और जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं।
राम वन गमन पथ का निर्माण कार्य भी पीएनसी कंपनी की तरफ से कराया जा रहा है। इसी कंपनी ने लखनऊ कानपुर के बीच बने एक्सप्रेसवे का भी निर्माण कराया था जो इस समय विवादों में है। दरार और गड्ढों के कारण लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे को टोल मुक्त कर दिया गया था। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को भी राम वन गमन पथ में आई दरारें के सवाल से दो-चार होना पड़ा। पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि बरसात में सड़क पर गड्ढे होना नॉर्मल बात है। नेपाल में तो बड़े-बड़े पुल बह गए। फिर भी जांच कराई जाएगी। निर्माण कार्य में यदि कोई कमी पाई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी।