
पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में 8 पुलिसकर्मी सस्पेंड (फाइल फोटो पत्रिका)
Kaushambi Firecracker Factory Blast: उत्तर प्रदेश में प्रयागराज और कौशांबी बॉर्डर पर स्थित अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस बड़े मामले में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में एक इंस्पेक्टर समेत 8 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले 11 लोगों का पोस्टमार्टम किया जा रहा है जिनमें 8 मासूम बच्चे भी शामिल हैं। वहीं, पुलिस ने फैक्ट्री के मालिक नौशाद को मंगलवार तड़के एक एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया है। मुठभेड़ के दौरान नौशाद के पैर में गोली लगी है। वह शहर छोड़कर भागने की फिराक में था।
इस पूरे प्रकरण में स्थानीय पुलिस की घोर लापरवाही सामने आने के बाद IG प्रयागराज अजय कुमार मिश्रा ने सख्त एक्शन लिया है। उन्होंने पिपरी के पूर्व इंस्पेक्टर शिवचरण राम, तत्कालीन थानाध्यक्ष विकास सिंह दरोगा, अजीत कुमार, अभिषेक गुप्ता, मनीष पाल और अमित द्विवेदी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। इसके अलावा दो सिपाही जितेंद्र और कृष्ण कुमार को भी निलंबित किया गया है। इससे पहले जिले के SP ने भी तीन दरोगाओं को लाइन हाजिर किया था।
यह धमाका प्रयागराज में मनौरी एयरफोर्स स्टेशन से करीब 2 किलोमीटर दूर मोहम्मदपुर गांव में चल रही एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में सोमवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे हुआ था। हादसे के तुरंत बाद पुलिस एयरफोर्स NDRF और SDRF के करीब 200 जवानों ने मोर्चा संभाला और 10 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। मलबा हटाने के लिए 10 बुलडोजर लगाए गए थे। रात 11 बजे तक राहत कार्य जारी रहा। इस खौफनाक हादसे में 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और सभी शवों को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया है।
जानकारी के अनुसार मंगलवार तड़के करीब 4 बजे पुलिस और पटाखा फैक्ट्री के मालिक नौशाद के बीच सैयद सरावां इलाके में मुठभेड़ हो गई। दोनों तरफ से हुई फायरिंग में नौशाद के पैर में गोली लगी जिसके बाद उसे धर दबोचा गया। वह हादसे के बाद से ही फरार था और शहर छोड़ने की तैयारी कर रहा था। इससे पहले रविवार रात को ही प्रशासन ने फैक्ट्री से 400 मीटर दूर बनाए गए उसके एक गोदाम को बुलडोजर से ढहा दिया था।
फैक्ट्री में विस्फोट किस वजह से हुआ यह अभी तक पूरी तरह से साफ नहीं हो सका है। हालांकि मौके पर मौजूद एक स्थानीय महिला ने बताया था कि बिजली का एक खंभा गिरने के बाद फैक्ट्री में रखे बारूद में तेज धमाका हुआ था और फिर यह आग पूरे कारखाने में फैल गई। धमाका इतना जोरदार था कि फैक्ट्री से 70 मीटर दूर स्थित 3 मंजिला मकान भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। फिलहाल पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। हादसे के बाद लगातार पुलिस की भूमिका और फैक्ट्री के संचालन को लेकर सवाल उठ रहे थे। इसी के बाद पुलिस अधिकारियों ने यह कार्रवाई की।
Updated on:
01 Sept 2026 01:01 pm
Published on:
01 Sept 2026 01:01 pm
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