प्रयागराज जनपद में कई थानों में अधिवक्ताओं के फर्जी मुकदमा लिखा गया है। यह जानकारी मिली है कि मऊआइमा, कर्नलगंज, शिवकुटी, दारागंज, बहरिया, फाफामऊ सहित अन्य थानों में अलग-अलग अधिवक्ताओं के विरुद्ध दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म और एससीएसटी एक्ट के तहत मुकदमा कायम हुए थे। कथित रूप से फर्जी एफआईआर पिछले कई सालों से लिखवाई जा रही थी और फिर आरोपितों से मुकदमा वापसी के नाम पर पैसे की वसूली की जाती थी।
प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने प्रयागराज में डेरा जमा लिया है। पिछले हफ्ते से लेकर अब तक जांच में कई पुलिसकर्मी सीबीआई के रडार पर हैं। फर्जी मुकदमों को लिखकर विवेचना करने का आरोप लगा है। इस पुलिसकर्मियों से मुकदमों में गुण-दोष के आधार पर चार्जशीट अथवा फाइनल रिपोर्ट लगाने के संबंध में विवेचकों से पूछताछ की जाएगी। इसके अलावा सीबीआई उन वकीलों का भी बयान दर्ज करेगी जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
इन थानों में लिखी गई है अधिवक्ता के खिलाफ फर्जी मुकदमा
जानकारी दी गई है कि प्रयागराज जनपद में कई थानों में अधिवक्ताओं के फर्जी मुकदमा लिखा गया है। यह जानकारी मिली है कि मऊआइमा, कर्नलगंज, शिवकुटी, दारागंज, बहरिया, फाफामऊ सहित अन्य थानों में अलग-अलग अधिवक्ताओं के विरुद्ध दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म और एससीएसटी एक्ट के तहत मुकदमा कायम हुए थे। कथित रूप से फर्जी एफआईआर पिछले कई सालों से लिखवाई जा रही थी और फिर आरोपितों से मुकदमा वापसी के नाम पर पैसे की वसूली की जाती थी। इसी मामले को संज्ञान में लेते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जांच का आदेश दिया है।
जांच होगी फाइनल रिपोर्ट और चार्जशीट की
प्रयागराज के थानों में जांच और छानबीन के आधार पर सीबीआई को पता चला है कि कुछ मुकदमों में अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र तो कई मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगी है। अब इन मुकदमों में विवेचना अधिकारी पूछताछ की जाएगी। इसके बाद अधिवक्ता का भी बयान लिया जाएगा। दोनों बयानों का मिलान किया जाएगा। इसके साथ ही सीबीआई द्वारा अभियुक्तों की ओर से खुद के बचाव में क्या-क्या साक्ष्य उपलब्ध करवाए गए थे, जिनके आधार पर चार्जशीट व फाइनल रिपोर्ट लगाई गई थी। इसका भी पता लगाया जाएगा।