प्रयागराज माघ मेला में पहुंचकर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बड़ी घोषणा कर दी है। माघ मेले में लगे भारतीय किसान यूनियन के शिविर में पहुंचकर कहा कि यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर देश की सभी राजनीतिक पार्टियों ने संपर्क किया, लेकिन वह किसी के समर्थन में नहीं दे रहे हैं।
प्रयागराज: विधानसभा चुनाव नजदीक है ऐसे में चुनाव मैदान में कूदे नेता अपनी-अपनी दावेदारी ठोक रहे हैं। हर कोई अपने विचारधारा से जुड़ी पार्टियों के समर्थन और सदस्यता लेना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में प्रयागराज माघ मेला में पहुंचकर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बड़ी घोषणा कर दी है। माघ मेले में लगे भारतीय किसान यूनियन के शिविर में पहुंचकर कहा कि यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर देश की सभी राजनीतिक पार्टियों ने संपर्क किया, लेकिन वह किसी के समर्थन में नहीं दे रहे हैं। इतना जरूर है कि जो पार्टी किसानों की समस्याओं को देखते हुए उनके हित में रहकर समस्याओं का समाधान करने वाली पार्टी पर जरूर विचार करेंगे।
मजबूत सरकार की वकालत
शिविर में लगे सभा को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि यूपी में मजबूत सरकार होनी चाहिए। अगर मजबूत सरकार रहेगी तभी मजबूत विपक्ष होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर किसान नेता ने कहा कि बड़े नेताओं को चुनाव जीतना चाहिए। विधानसभा चुनाव में यह जरूर साफ होगा कि यूपी जनता इस बार किसे सीएम तय किया है। किसान उसी पार्टी के साथ है जो उनके साथ खड़ी है।
31 जनवरी से शुरू होगा प्रदर्शन
राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों की प्रमुख मांगों को लेकर 31 जनवरी से प्रदेश के सभी जिला मुख्यालय स्तर पर प्रदर्शन शुरू होगा। प्रदेश में किसानों के मुद्दों पर धर्म और म राजनीति हावी नजर आती है। यहां पर किसानों का बटवारा जाती और धर्म के नाम से किया जा रहा है। अब यह बातें 10 मार्च को स्पष्ट हो जाएगा कि किसान क्या चाहता है।
पीएम मोदी किसानों के लिए नहीं बोलते एक शब्द
प्रयागराज माघ मेले में आयोजित किसान चिंतन शिविर में पहुंचकर राकेश टिकैत ने यह साफ करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के मुखिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी किसानों के लिए एक शब्द नहीं बोलते हैं। पीएम आश्वासन पर 13 महीने बाद किसानों ने आंदोलन समाप्त कर दिया, लेकिन अब वादाखिलाफी की जा रही है। अब किसान फिर एक मत बनाकर बहुत जल्द केंद्र सरकार से बात करेगी। अगर बातें पूरी नहीं हुई तो किसान फिर उग्र आंदोलन के लिए अग्रसर होगा।