प्रयागराज

प्रयागराज में बाढ़ का कहर पांच लाख की आबादी पानी के जद में , मचा कोहराम

कई गांवो का संपर्क जिला मुख्यालय से टूटा , खतरे के निशान से ऊपर बह रही गंगा -यमुना
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Flood havoc in Prayagraj, population of five lakhs submerged
प्रयागराज में बाढ़ का कहर पांच लाख की आबादी पानी के जद में , मचा कोहराम

प्रयागराज।गंगा और यमुना नदियों में आयी बाढ़ का कहर जारी है। गंगा और यमुना नदियों के उफनाने से हजारों परिवार बेघर हो गए हैं। जहां पांच लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। दस हजार से ज्यादा घरों में पानी घुस गया है। बाढ़ के चलते गांव से लेकर शहर तक हाहाकार मचा हुआ है। गली मोहल्लों में चारों ओर पानी ही पानी नजर आ रहा है। शहर के दर्जनों मोहल्लों में पिछले चार पांच दिनों से लोग फंसे हुए हैं। जिन सड़कों पर मोटर गाड़ियां फर्राटा भरती थी, उन सड़कों पर नावें चल रही है। जो लोग बाढ़ के चलते घरों में फंसे हैं उन्हें बाहर निकालने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के साथ ही पीएसी जल पुलिस की टीमें लगातार बाढ़ ग्रस्त इलाकों में रेस्क्यू अभियान चला रही हैं। लेकिन इसके बावजूद अभी भी हजारों लोग घरों फंसे हुए हैं।

लोग घरों की की निचली मंजिल में पानी भर जाने के चलते ऊपरी मंजिल पर शरण लिये हुए है। दारागंज में बक्शी बांध से नाग वासुकी मंदिर की ओर कुम्भ में तैयार की गई सड़क पर दस फीट से ज्यादा पानी भर गया है। एनडीआरएफ की टीमें यहीं से छोटा बघाड़ा में फंसे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान चला रही हैं। छोटा बघाड़ा में बाढ़ में पिछले तीन चार दिनों से फंसे एक परिवार को एनडीआरएफ के जवान मोटर बोट के जरिए सुरक्षित बाहर निकाल कर लाये। तो आफत में फंसे परिवार चेहरे पर खुशी साफ नजर आयी। जवानों ने परिवार की दो महिलाओं, बच्चों के साथ जरुरी सामान और दो बकरियों को भी सुरक्षित बाहर निकाला।

बाढ़ का सैलाब जनजीवन को अस्त व्यस्त कर दिया है।शहरी इलाकों सहित सैकड़ों गांव बाढ़ की तबाही का आलम दिख रहा है। लोग घरों को छोड़कर जा रहे हैं। बाढ़ के चपेट में आए शहर के ज्यादातर मोहल्लों की बिजली काट दी गई है।वहीं देर रात से लगातार हो रही बरसात ने लोगों की मुसीबत बढ़ा दी है।मध्य प्रदेश ,राजस्थान, उत्तराखंड के देहरादून के डैम से छोड़े गए पानी के चलते शहर में बाढ़ की भयावह स्थित बनी है। बुधवार की सुबह से जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी शहर के अलग-अलग हिस्सों और ग्रामीण इलाकों के दौरे पर हैं। जिलाधिकारी कार्यालय से दी गई सूचना के मुताबिक झूंसी इलाके के बदरा सुनौटी गांव का संपर्क जिला मुख्यालय से टूटने पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को लोगों को राहत कार्य में किसी भी तरह की कोताही न बरतने के निर्देश दिए हैं।

खतरे का निशान पार कर चुकी गंगा यमुना लोगों को डरा रही है। हजारों स्टूडेंट अपने घरों को वापस चले गए हैं। कछारी इलाकों में सैकड़ों एकड़ खेत जलमग्न है। लाखों घरों में पानी पहुंच गया है। शाम चार बजे तक गंगा 84.73 मीटर फाफामऊ 84.91 मीटर छतनाग 84.20 मीटर यमुना 84.7 मीटर नैनी 84.73 मीटर गंगा 2.0 सेंटीमीटर प्रति घंटा और यमुना 0.5 सेंटी मीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रही है

Published on:
18 Sept 2019 08:55 pm