प्रेमिका से शादी का वादा कर पांच साल तक संबंध बनाने के बाद युवक ने रिश्ता तोड़ दिया। शिकायत और पुलिस कार्रवाई के बाद पंचायत बैठी और कोर्ट मैरिज तय हुई।
Prayagraj Crime News: प्रयागराज के उतरांव थाना क्षेत्र के बलरामपुर गांव में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड के खिल के बीच पांच साल का रिश्ता ब्रेकअप के बाद शादी में बदल गया। यह कहानी धोखे, पुलिस, पंचायत और आखिरकार कोर्ट मैरिज की है।
मनीषा और विनोद कुमार रिश्तेदार हैं। पांच साल पहले एक रिश्तेदार की शादी में दोनों की बातचीत शुरू हुई। धीरे-धीरे दोनों में प्यार हो गया। विनोद मऊआइमा थाना क्षेत्र के बदलापुर गांव का रहने वाला है। मनीषा ने बताया कि विनोद हमेशा शादी का वादा करता था। वह उसे अपने दोस्तों के घर ले जाता था और शारीरिक संबंध बनाता था। उसने मनीषा की कई तस्वीरें और वीडियो भी बनाए। लेकिन जब मनीषा शादी की बात करती, तो विनोद टालता रहता। वह कहता कि आराम से करेंगे, अभी जल्दी क्या है।
24 दिसंबर को विनोद मनीषा के घर आया। उसने फिर से शादी का वादा किया और दोनों ने संबंध बनाए। इसके बाद विनोद ने मनीषा के मोबाइल से सभी फोटो और वीडियो डिलीट कर दिए। फिर उसने साफ कह दिया, "अब मैं तुमसे शादी नहीं करूंगा। तुम कहीं और शादी कर लो। मेरे घरवाले तैयार नहीं हैं।" मनीषा को लगा कि उसकी जिंदगी बर्बाद हो गई। 25 दिसंबर को मनीषा ने अपनी मां को सब कुछ बताया। फिर दोनों उतरांव थाने पहुंचीं और विनोद के खिलाफ रेप की तहरीर दी। मनीषा ने कहा कि विनोद ने शादी का झांसा देकर उसके साथ गलत किया। इसके बाद मनीषा अपनी मां के साथ विनोद के घर भी गई। वहां घरवालों से शादी के लिए कहा, लेकिन बात नहीं बनी। हंगामा हुआ और विनोद के घरवालों ने मनीषा के साथ बदतमीजी की। डर के मारे विनोद गांव छोड़कर भाग गया।
पुलिस ने विनोद की तलाश शुरू की। घर पर छापे मारे गए। दबाव बढ़ने लगा तो गांव में पंचायत बुलाई गई। प्रधान भी शामिल हुए। पुलिस की मौजूदगी में फैसला हुआ कि दोनों की शादी करा दी जाए। तय किया गया कि 12 जनवरी को कचहरी में कोर्ट मैरिज होगी। मनीषा के वकील ने सभी कागजात तैयार कर लिए।
12 जनवरी की सुबह मनीषा अपनी मां और बहनों के साथ कचहरी पहुंच गई। कई घंटे इंतजार करने के बाद भी विनोद नहीं आया। मनीषा ने पुलिस और प्रधान को फोन किया। पुलिस ने विनोद के घरवालों को चेतावनी दी कि मुकदमा दर्ज करके जेल भेज दिया जाएगा। जेल के डर से विनोद अपनी बहन राजकुमारी के साथ कचहरी पहुंचा। गवाहों के सामने कागजात पर साइन हुए। कोर्ट मैरिज पूरी हुई। इसके बाद सब मंदिर गए। वहां प्रेमी-प्रेमिका ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई। विनोद ने मनीषा की मांग में सिंदूर भरा। शादी की रस्में पूरी की गईं। शादी हो गई, लेकिन मनीषा की विदाई अभी नहीं हो पाई है। विनोद ने वादा किया कि वह दो-चार दिन में अपने मां-बाप को समझा लेगा। अगर नहीं माने तो किराए का मकान लेकर मनीषा को अपने साथ ले जाएगा।
विनोद ने बीए पास किया है और फिलहाल मोबाइल की दुकान पर काम करता है। मनीषा ने ज्यादा पढ़ाई नहीं की। वह सात बहनों में सबसे छोटी है। उसके पिता की मौत हो चुकी है। विनोद दो भाइयों में बड़ा है और उसकी एक बहन है। दोनों परिवार खेती-किसानी करते हैं।