Taj Mahal Case: महंत परमहंस द्वारा इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए ताजमहल में एंट्री देने की अपील की गई है। दरअसल इससे पहले 5 मई को महंत परमहंस ने ताजमहल को तेजो महालय बताकर एंट्री करने की कोशिश की थी। लेकिन वह इसमे कामयाब नहीं हो सके थे।
अयोध्या के तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरू परमहंस दास (Mahant Paramhans Das) एक बार फिर चर्चा में हैं। हाल ही में उन्होंने ताजमहल (Tajmahal) में एंट्री नहीं मिलने के बाद आमरण अनशन पर जाने की बात कही थी। इस मामले पर गुरुवार यानी आज इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में दोपहर 12:30 बजे सुनवाई होने की उम्मीद की जा रही है। वहीं हंत परमहंस दास मामले पर सुनवाई करने वाली डिवीजन बेंच में जस्टिस अब्दुल रहमान मसूदी और जसिटिस विक्रम डी चौहान रहेंगे।
क्या है याचिका में
दरअसल महंत परमहंस ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में ताजमहल के अंदर एंट्री करने के लिए याचिका दायर की थी। याचिका को महंत परमहंस दाम और उनके अनुयाई आचार्य महामंडलेशअवर धर्मेंद गिरी के ओर से दाखिल किया गया था। जिसमें उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट से धर्म दंड और गेरुआ वस्त्र धारण करने के साथ ताजमहल में एंट्री देने की अनुमति दिए जाने की मांग की है।
ये हैं पक्षकार
महंत परमहंस ने अपने इस याचिका में भारत सरकार, आर्किलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के डायरेक्टर, आगरा के डीएम, आगरा के एसएसपी और ताजमहल के एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर के साथ ही चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर को पक्षकार बनाया है। आपको बता दें कि महंत परमहंस दास को धर्मदंड के कारण ताजमहल में एंट्री नहीं दी गई थी। वहीं जब वह दोबारा ताजमहल जा रहे थे तो पुलिस ने उन्हें कस्टडी में लेकर अयोध्या वापस भेज दिया था। परमहंस दास का आरोप था कि पुलिस का व्यवहार उनके प्रति अच्छा नहीं था। पुलिस ने उनका मोबाइल भी छीन लिया था। वह अपनी जिद पर अभी भी अडिग हैं। भगवा पहनकर ताजमहल में प्रवेश करेंगे।
फैसले की घड़ी आज
परमहंस दास के इस मामले को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में आज दायर याचिका पर सुनवाई की जाएगी। वहीं महंत परमहंस द्वारा इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए ताजमहल में एंट्री देने की अपील की गई है। गौरतलब है कि इससे पहले 5 मई को महंत परमहंस ने ताजमहल को तेजो महालय बताकर एंट्री करने की कोशिश की थी। लेकिन वह इसमे कामयाब नहीं हो सके थे। जिसके बाद ही उन्होंने ताजमहल में एंट्री के लिए याचिका दायर की है।