प्रयागराज

हाईकोर्ट का फैसला – नाइट कर्फ्यू की जगह लॉकडाउन पर विचार करें सरकार

कोई भी व्यक्ति सड़क पर बिना मास्क के दिखा तो अदालत पुलिस के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई करेगी।
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Allahabad High Court
High Court decision about lockdown

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
प्रयागराज. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्रदेश में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण से ज्यादा प्रभावित नगरों में दो अथवा तीन सप्ताह के लिए पूर्ण लॉकडाउन लगाने पर विचार करने के लिए योगी सरकार को निर्देश दिया है। इसके एक दिन पहले कोरोना की दूसरी लहर में युवाओं के तेजी से संक्रमित होने वाले ग्राफ के आधार पर हाईकोर्ट ने कहा था कि सरकार को ऐसे छात्रों को टीकाकरण का लाभ देने पर विचार करना चाहिए। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान दलीलों और आंकड़ों का अवलोकन किया। इस दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि प्रदेश में हालात बहुत अच्छे नहीं हैं और स्थितियां भयावह हैं। बोर्ड परीक्षा में बड़ी संख्या में युवा पीढ़ी शामिल होगी। ऐसे में उन्हें सुरक्षित रखना आवश्यक है। इसके लिए बोर्ड परीक्षार्थियों को कोविड-19 टीका दिए जाने पर सरकार को विचार करना चाहिए।

कोरोना के बढ़ते मामले को लेकर दाखिल जनहित याचिका की सुनवाई कर रही न्यायमूॢत सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अजित कुमार की खंडपीठ ने निर्देश देते हुए कहा कि नाइट कर्फ्यू कोरोना संक्रमण का फैलाव रोकने की दिशा में छोटा कदम है। इसलिए दिन में भी गैर जरूरी यातायात को नियंत्रित किया जाए। जीवन रहेगा तो अर्थव्यवस्था भी दुरुस्त हो जाएगी। विकास व्यक्तियों के लिए है। जब आदमी ही नहीं रहेंगे तो विकास का क्या अर्थ रह जाएगा?

वहीं अदालत को बताया गया कि कोरोना मरीजों को भर्ती करने से अस्पताल इंकार कर रहे हैं। लोग गाइडलाइंस का पालन करने में सहयोग नहीं दे रहे हैं। इलाज की व्यवस्था फेल है। मरीजों को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। इस याचिका पर अगली सुनवाई 19 अप्रैल को होगी। अगली सुनवाई पर सचिव स्तर के अधिकारी का हलफनामा मांगा है। साथ ही प्रयागराज के जिलाधिकारी व सीएमओ को कोर्ट में हाजिर रहने का निर्देश दिया गया है।

मास्क न पहनने पर पुलिस वालों पर होगी कार्रवाई

हाई कोर्ट का कहना है कि सड़क पर कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के दिखाई नहीं दे अन्यथा अदालत पुलिस के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई करेगी। अदालत ने सामाजिक, धार्मिक आयोजनों में 50 से अधिक लोगों के एकत्रित होने पर रोक लगाने के साथ ही ट्रैकिंग, टेस्टिंग और ट्रीटमेंट योजना में तेजी लाने की हिदायत दी है। शहरों में खुले मैदान से लेकर अस्थायी अस्पताल बनाकर कोरोना पीडि़तों के इलाज की व्यवस्था की जाए। जरूरी हो तो संविदा पर स्टाफ तैनात किए जाएं।

बार एसोसिएशन ने हाईकोर्ट से किया आग्रह

इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने हाईकोर्ट से आग्रह किया है कि वह कम से कम दो सप्ताह की अवधि के लिए परिसर को बंद कर दिया जाए। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में बढ़ते कोविड-19 मामलों के मद्देनजर पूर्ण लॉकडाउन की आवश्यकता पर जोर दिया। वरिष्ठ अधिवक्ता अमरेन्द्र नाथ सिंह ने कहा, जैसा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक आदेश में दर्ज किया गया है, आग्रह किया कि हाईकोर्ट को कम से कम दो सप्ताह के लिए बंद कर दिया जाना चाहिए, ताकि मुकदमेबाज और वकील अदालत में न पहुंचें और संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके।

Updated on:
14 Apr 2021 01:04 pm
Published on:
14 Apr 2021 08:07 am
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