
पवन यादव हत्याकांड (फाइल फोटो)
Pawan Yadav Murder Case Arrest Prayagraj: प्रयागराज के हंडिया इलाके में समाजवादी पार्टी के जिला सचिव और पूर्व ग्राम प्रधान पवन यादव की मंगलवार शाम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बुधवार को पुलिस ने मामले का बड़ा खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में इस्तेमाल बाइक और दो देशी तमंचे भी बरामद कर लिए गए हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि यह हत्या कॉन्ट्रैक्ट किलिंग थी। प्रधानपति विनोद कुमार यादव ने 5 लाख रुपये की सुपारी देकर भदोही से शूटर बुलाए थे। हत्यारे डेढ़ महीने से रेकी कर रहे थे। विनोद ने पूछताछ में बताया कि पवन यादव से पंचायत चुनाव के समय से रंजिश चली आ रही थी।
विनोद की पत्नी इस बार प्रधान बनी थीं। उन्होंने पवन को गांव में ईसीसीई एजुकेटर के पद पर लगवाया था, लेकिन पवन ने आपत्ति जताकर उन्हें हटवा दिया। इससे विनोद की बेइज्जती हुई। उन्होंने गांव के हिस्ट्रीशीटर जितेंद्र यादव उर्फ लल्ला से संपर्क किया। लल्ला को भी शक था कि 2022 के शशांक हत्याकांड में पवन ने ही मुखबिरी की थी।
लल्ला यादव ने भदोही के निहाल अली और हंडिया के बृजेश यादव को योजना में शामिल किया। तीनों बाइक पर मौके पर पहुंचे। निहाल बाइक चला रहा था, बृजेश बीच में और लल्ला पीछे बैठा था। लल्ला ने ही पवन यादव पर फायरिंग की। दोनों तमंचे और कारतूस 20 हजार रुपये में खरीदे गए थे।
बुधवार दोपहर हंडिया थाना क्षेत्र के बरौत इलाके में पुलिस की मुठभेड़ में लल्ला यादव और निहाल के पैर में गोली लग गई। पुलिस ने लल्ला, निहाल, विनोद कुमार यादव और बृजेश को गिरफ्तार कर लिया। लल्ला यादव पर तीन जिलों में 44 मुकदमे दर्ज हैं और वह कई बार गैंगस्टर एक्ट में भी आ चुका है।
पोस्टमॉर्टम के बाद शव घर पहुंचा तो लोगों ने वाराणसी-प्रयागराज नेशनल हाईवे जाम कर दिया। “हत्यारों को फांसी दो” और “पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद” के नारे लगे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेडिंग भी तोड़ दी। परिवार ने मुआवजे और नौकरी की मांग की। पुलिस ने आश्वासन दिया जिसके बाद रात में शव ले जाया गया। पुलिस ने 42 सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपियों की पहचान की। मामले की आगे जांच जारी है।
Updated on:
16 Sept 2026 09:57 pm
Published on:
16 Sept 2026 09:57 pm
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