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माघ मेले से पहले बड़ा प्लान, प्रयागराज से काशी-अयोध्या तक श्रद्धालुओं के लिए बनेगा धार्मिक सर्किट

Prayagraj Religious Circuit: माघ मेले से पहले प्रयागराज, काशी और अयोध्या को जोड़कर धार्मिक सर्किट बनाने की तैयारी है। श्रद्धालुओं के लिए परिवहन सेवा शुरू होगी। साथ ही बढ़ती भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त पार्किंग और ट्रेनों की व्यवस्था भी की जाएगी।
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प्रयागराज

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Ankit Sai

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Updated: 20 Sep 2026, 11:32 AM IST

Prayagraj Magh Mela

प्रयागराज में होने वाले माघ मेले को लेकर तैयारियां तेज कर दी (X Photo @UPGovt)

Prayagraj Magh Mela:प्रयागराज में होने वाले माघ मेले को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रयागराज, काशी और अयोध्या को जोड़कर धार्मिक सर्किट तैयार करने की योजना बनाई गई है। इसके तहत प्रयागराज से काशी और अयोध्या के लिए परिवहन सेवा शुरू करने की तैयारी है। इससे श्रद्धालु संगम में स्नान और पूजा के साथ दोनों धार्मिक शहरों के प्रमुख स्थलों के दर्शन भी कर सकेंगे। साथ ही मेले में बढ़ती भीड़ और वाहनों को देखते हुए पार्किंग की सुविधा भी बढ़ाई जाएगी।

प्रयागराज से काशी और अयोध्या के लिए सेवा

माघ मेले में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन की कोशिश है कि यहां आने वाले श्रद्धालु संगम में स्नान और पूजा के साथ काशी और अयोध्या के धार्मिक स्थलों के दर्शन भी कर सकें। धार्मिक सर्किट के तहत प्रयागराज से काशी और अयोध्या के लिए परिवहन सेवा शुरू करने की योजना है। इसके लिए संबंधित विभागों के साथ मिलकर आगे की तैयारी की जाएगी। मंडलायुक्त ने बताया कि पिछले माघ मेले में श्रद्धालुओं की भीड़ और उनके आवागमन को देखते हुए इस बार व्यवस्थाओं का विस्तार किया जा रहा है। धार्मिक सर्किट की योजना भी इसी तैयारी का हिस्सा है।

बढ़ाई जाएगी पार्किंग की सुविधा

माघ मेले के दौरान प्रयागराज में बड़ी संख्या में वाहन पहुंचते हैं। इसे देखते हुए प्रमुख प्रवेश मार्गों और मेला क्षेत्र के आसपास अतिरिक्त पार्किंग स्थल विकसित किए जाएंगे। प्रशासन का उद्देश्य शहर और मेला क्षेत्र में वाहनों का दबाव कम करना है, ताकि श्रद्धालुओं को आने-जाने में परेशानी न हो। मेले के दौरान रेलवे से भी यात्रियों की संख्या और भीड़ को लेकर जानकारी ली जा रही है। मंडलायुक्त ने रेलवे अधिकारियों से अतिरिक्त ट्रेनों और रैक की जरूरत के बारे में जानकारी मांगी है। जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त रैक रखने के लिए भी कहा गया है।

प्रयागराज, काशी और अयोध्या को उत्तर प्रदेश के प्रमुख आध्यात्मिक केंद्रों के तौर पर देखा जाता है। इन तीनों शहरों को जोड़कर तैयार होने वाले धार्मिक सर्किट से श्रद्धालुओं के लिए एक साथ कई धार्मिक स्थलों की यात्रा आसान बनाने की कोशिश की जा रही है।

कृष्ण मृग आरक्षित क्षेत्र के लोगों का होगा पुनर्वास

माघ मेले की तैयारियों के साथ प्रयागराज मंडलायुक्त ने शनिवार को मेजा तहसील के चांद खमरिया स्थित कृष्ण मृग आरक्षित क्षेत्र का भी निरीक्षण किया था। आरक्षित क्षेत्र में रह रहे लोगों को एक स्थान पर आवासीय कॉलोनी बनाकर बसाने की योजना है। मंडलायुक्त ने आरक्षित क्षेत्र के संरक्षण और इसके विकास की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

आरक्षित भूमि की होगी स्पष्ट सीमा

निरीक्षण के दौरान आरक्षित क्षेत्र की बची हुई भूमि का डी-मार्केशन कराने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही भूमि का स्पष्ट सीमांकन, वन विभाग को सुरक्षित हस्तांतरण और मजबूत बाउंड्री बनाने को प्राथमिकता देने को कहा गया है। प्रशासन की योजना आरक्षित क्षेत्र की जमीन को सुरक्षित रखने के साथ वहां रह रहे पात्र परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था करने की है।

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