
उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद (फोटो एएनआई)
Sanjay Nishad Prayagraj Nishad Raj Statement: उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद ने रविवार को एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि प्रयागराज केवल प्रयागराज नहीं, बल्कि निषादराज की धरती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी हवाला देते हुए दावा किया कि पीएम ने स्वयं कहा है कि यह भूमि निषादराज की है।
मंत्री संजय निषाद ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने कहा था कि यह सिर्फ प्रयागराज नहीं, निषादराज की धरती है। निषादराज के वंशजों ने भगवान राम को नदी पार कराने में मदद की थी। उन्होंने रावण, मुगलों और अंग्रेजों को भी हराया। उन्होंने निषाद समुदाय के ऐतिहासिक योगदान पर जोर देते हुए कहा कि इस भूमि का गौरव निषादराज से जुड़ा है।
यह बयान उस समय आया है जब प्रयागराज में कुंभ और अन्य धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों के संदर्भ में क्षेत्र की पहचान पर चर्चा चल रही है। मंत्री के इस वक्तव्य से निषाद समुदाय में उत्साह का माहौल है, जबकि कुछ राजनीतिक हलकों में इस बयान को सामुदायिक भावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
संजय निषाद ने कहा कि इतिहास में निषादराज का योगदान भुलाया नहीं जा सकता। भगवान राम की सहायता से लेकर विदेशी आक्रमणकारियों के खिलाफ संघर्ष तक निषाद समुदाय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार निषाद समाज के हितों और गौरव की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
मंत्री संजय निषाद ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि हमारी मांग बिल्कुल स्पष्ट और संवैधानिक है। मछुआ समाज को ओबीसी में उलझाकर रखना बंद किया जाए। 1950 की राष्ट्रपति अधिसूचना के अनुसार उत्तर प्रदेश की अनुसूचित जाति (SC) सूची में दर्ज मझवार' (क्रमांक 53) और 'तुरैहा' (क्रमांक 66) के तहत समाज की सभी उपजातियों को उनका वास्तविक अनुसूचित जाति (SC) प्रमाण पत्र तत्काल और निर्विवाद रूप से जारी किया जाए! यह लड़ाई केवल चुनावी भाषणों की नहीं, बल्कि तथ्यों और ठोस संवैधानिक प्रक्रिया के साथ लड़ी जाने वाली आर-पार की लड़ाई है। निषादराज गुह्य के वंशज अब अपने पूर्ण संवैधानिक अधिकारों को हासिल किए बिना न रुकेंगे, न थकेंगे!
Updated on:
20 Sept 2026 06:53 pm
Published on:
20 Sept 2026 06:30 pm
