इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एसएसपी व दोनों थानों के एसएचओ को याची की एफआइआर दर्ज कर कापी कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया था। मामले में महाधिवक्ता अजय कुमार मिश्र ने कोर्ट में एफआइआर की एक कापी पेश की। इसमें धर्मेंद्र सिंह यादव शिकायतकर्ता के रूप में दर्ज है, जबकि कोर्ट ने याची की शिकायत पर एफआइआर दर्ज करने का आदेश दिया था।
प्रयागराज: झांसी के पुष्पेंद्र यादव फर्जी मुठभेड़ मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त निर्देश दिया है। मामले की सुनवाई करते हुए पुलिस के खिलाफ पत्नी याची शिवांगी यादव की एफआइआर दर्ज करने के आदेश की अवहेलना करने को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने एसएसपी झांसी, एसएचओ थाना गुरुसहाय व थाना मोठ को कारण बताओ नोटिस जारी कर व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीत कुमार व न्यायमूर्ति सैयद वैज मियां की खंडपीठ ने शिवांगी यादव की याचिका पर दिया है। याचिका की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी।
एफआइआर दर्ज करने का दिया था आदेश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एसएसपी व दोनों थानों के एसएचओ को याची की एफआइआर दर्ज कर कापी कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया था। मामले में महाधिवक्ता अजय कुमार मिश्र ने कोर्ट में एफआइआर की एक कापी पेश की। इसमें धर्मेंद्र सिंह यादव शिकायतकर्ता के रूप में दर्ज है, जबकि कोर्ट ने याची की शिकायत पर एफआइआर दर्ज करने का आदेश दिया था। मामले में याची का आरोप है कि उसके पति की फर्जी मुठभेड़ मुठभेड़ पुलिस ने मार डाला। कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 215 के तहत दाखिल याची की अर्जी पर नोटिस जारी की है।
हाईकोर्ट के आदेश का नहीं हुआ पालन
मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए एफआइआर दर्ज करने का आदेश दिया था। कोर्ट के आदेश की अवहेलना पर याची शिवांगी यादव की तरफ से अधिवक्ता इमरान उल्ला व शिवम यादव का कहना था की हाईकोर्ट ने पिछली तारीख पर याची की प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया था। याची ने हाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन में एक विस्तृत अर्जी एफआइआर दर्ज करने के लिए दी थी, लेकिन पुलिस ने याची की एफआइआर दर्ज न कर कोर्ट के आदेश की अवहेलना की है। न्यायालय ने प्रदेश सरकार की तरफ से महाधिवक्ता अजय मिश्र व अपर महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी ने कोर्ट के समक्ष पक्ष रखा।