प्रयागराज कुंभ 2025 में चर्चा में आए IIT बाबा अभय सिंह ने अपनी प्रेम कहानी साझा की।
IIT Baba Abhay Singh Love Story: प्रयागराज महाकुंभ-2025 में चर्चा में आए IITian बाबा अभय सिंह ने अपनी लव स्टोरी खुद बताई है। उन्होंने कहा कि अब उनकी जीवनसंगिनी मिल गई है, जिसे वे अपनी 'पार्वती' कहते हैं। अभय सिंह और प्रीतिका की मुलाकात 2025 में महाशिवरात्रि के दिन तमिलनाडु के कोयम्बटूर में एक आश्रम में हुई। प्रीतिका मोक्ष की तलाश में साधना करने आई थीं। अभय सिंह भी उस समय आध्यात्मिक मार्ग पर चल रहे थे। दोनों की सोच और आध्यात्मिक रुचि एक जैसी थी, इसलिए जल्दी ही उनके बीच गहरा जुड़ाव हो गया।
मुलाकात के दूसरे ही दिन अभय सिंह ने प्रीतिका से शादी का प्रस्ताव रख दिया। पहले प्रीतिका को लगा कि यह मजाक है। लेकिन जब अभय सिंह ने कहा कि वे पूरी तरह सीरियस हैं, तो बात आगे बढ़ी। दोनों ने एक साल तक साथ रहकर एक-दूसरे को अच्छी तरह समझा।
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15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर ऋषिकेश के पास मंसा देवी मंदिर (या अघंजर महादेव मंदिर) में दोनों ने शादी कर ली। अभय सिंह ने प्रीतिका की मांग में सिंदूर भरा। इस समय सिर्फ कुछ खास दोस्त ही मौजूद थे। शादी बहुत सादी और आध्यात्मिक तरीके से हुई। कुछ दिनों बाद 19 फरवरी को दोनों ने कोर्ट मैरिज भी कर ली। अभय सिंह ने बताया कि कोर्ट मैरिज इसलिए जरूरी थी, क्योंकि जहां भी वे जाते थे, दस्तावेजों की जरूरत पड़ती थी। साथ ही, वे जो नया संगठन बना रहे हैं, उसके बैंक अकाउंट आदि के लिए भी कानूनी दस्तावेज जरूरी थे।
शादी के बाद अभय सिंह अपनी नई दुल्हन प्रीतिका को लेकर सोमवार को हरियाणा के झज्जर पहुंचे। यहां उन्होंने परिवार से मुलाकात की। अभय सिंह ने खुशी से कहा कि मैंने पहले ही कहा था कि अगर मुझे मेरी पार्वती मिल गई तो शादी जरूर करूंगा। अब प्रीतिका के रूप में मुझे मेरी जीवनसंगिनी मिल गई है। परिवार से मिलने के बाद दोनों सोमवार रात ही दिल्ली से फ्लाइट लेकर हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला चले गए। फिलहाल वे वहीं रह रहे हैं।
प्रीतिका मूल रूप से कर्नाटक की रहने वाली हैं। उन्होंने मंगलौर के सेंट जोसेफ इंजीनियरिंग कॉलेज (SJEC) से इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन में बीटेक किया। फिर एमआईटी मणिपाल से एस्ट्रोनॉमी और स्पेस इंजीनियरिंग में मास्टर्स पूरा किया। बेंगलुरु के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स (IIA) में रिसर्च इंटर्नशिप भी की। ब्रह्मांड के रहस्यों को समझते-समझते प्रीतिका खुद अध्यात्म की ओर मुड़ गईं। अब वे अभय सिंह के साथ मिलकर आध्यात्मिक और सामाजिक कामों में साथ दे रही हैं।