प्रयागराज

माघ मेले का पहला स्नान, अबतक 9 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डूबकी, दो फर्जी बाबा पकड़े गए

Magh Mela 2026 Live : माघ मेला 2026 में संगम तट एक बार फिर आस्था और संयम की मिसाल बना है। कल्पवास के लिए पहुंचे श्रद्धालु माघ मास भर संगम किनारे रहकर कठोर व्रत का पालन करते हैं।

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भोर से संगम पर आस्था की डुबकी Source- X

Magh Mela 2026 Live Update: प्रयागराज के संगम की रेती पर एक बार फिर आस्था ने अपना डेरा जमा लिया है। माघ मेला 2026 में कल्पवास की शुरुआत आज हो चुकी है। इसके लिए लाखों श्रद्धालु दूर-दराज के इलाकों से संगम तट पर पहुंच चुके हैं। ये कल्पवासी व्रत, तप, साधना और संयम का संकल्प लेकर आए हैं। पूरे इलाके में तंबुओं की नगरी बस गई है। संगम के हर घाट पर स्नान का सिलसिला चल रहा है। कल्पवासी भी बड़ी संख्या में पहुंच चुके हैं। ये कल्पवासी पूरे माघ मास में संगम तट पर रहकर कठोर व्रत रखते हैं । दिन में एक बार सात्विक भोजन, जमीन पर सोना और रोज स्नान। मान्यता है कि ऐसा करने से पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। वहीं मेले में दो फर्जी बाब भी पकड़े गए हैं।

कल्पवासियों का आगमन और तैयारी

शुक्रवार देर शाम तक श्रद्धालुओं का आना जारी रहा। कल्पवासी अपने शिविरों में पहुंचकर सामान व्यवस्थित करने लगे। वे ई-रिक्शा, कार, पिकअप और ट्रैक्टर-ट्रॉली से पुआल, बिस्तर, राशन और जलावन की लकड़ी ला रहे थे। पूरे दिन यह नजारा दिखाई दिया। शिविरों में ठाकुर जी की मूर्ति, पूजा सामग्री, दान की चीजें, राशन और कपड़े रखे गए।

तुलसी और अन्य पौधों का महत्वतीर्थ

पुरोहित बताते हैं कि कल्पवास में तुलसी पूजन का खास महत्व है। इसलिए हर कुटिया के बाहर तुलसी का पौधा रोपा जा रहा है। साथ ही केले और जौ के पौधे भी लगाए जा रहे हैं। मान्यता है कि जौ के बढ़ने से जीवन में मंगल और प्रगति होती है। कल्पवासी संगम तट पर लाए तुलसी के पौधों को बाहर लगाकर पूजा की तैयारी कर रहे हैं।

पूरी तैयारी में प्रशासन

प्रशासन ने अनुमान है कि माघ मेले के पहले दिन 25 से 30 लाख श्रद्धालु संगम में स्नान कर सकते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए बड़े इंतजाम किए गए हैं। हर घाट पर अधिकारी और पुलिस तैनात है। सीसीटीवी कैमरे, पंटून पुल और पार्किंग की व्यवस्था पूरी है।

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Updated on:
03 Jan 2026 11:43 am
Published on:
03 Jan 2026 09:21 am
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