प्रयागराज

माघ मेले में भक्ति का अनोखा चमत्कार: गंगा स्नान से लेकर सीता-राम नाम जप तक, कल्पवास कर रहे हैं दो तोते शिव और देव

Magh Mela: माघ मेले में आस्था की अनोखी तस्वीर देखने को मिल रही है, जहां शिव और देव नाम के दो तोते भी कल्पवास कर रहे हैं। गंगा स्नान, सीता-राम नाम जप और धार्मिक दिनचर्या निभाते ये दोनों तोते श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
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Updated: 8 Jan 2026, 11:21 PM IST
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माघ मेले में भक्ति का अनोखा चमत्कार | Image Video Grab

Magh mela kalpvas parrots: माघ मेले में जहां एक ओर साधु-संत और श्रद्धालु कल्पवास के नियमों का पालन कर रहे हैं, वहीं भक्ति और आस्था की एक अनोखी तस्वीर भी सामने आई है। इस बार मेले में दो तोते शिव और देव भी कल्पवास करते नजर आ रहे हैं। इन दोनों तोतों की दिनचर्या किसी तपस्वी से कम नहीं है, जो सुबह गंगा स्नान से लेकर नाम जप तक पूरी श्रद्धा के साथ निभाई जाती है।

झूंसी की अनीता तिवारी हैं पालन माता

झूंसी निवासी अनीता तिवारी इन दोनों तोतों की पालन माता हैं। उन्होंने बताया कि शिव और देव अब सिर्फ पालतू पक्षी नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य बन चुके हैं। मेले में जहां लोग उन्हें देखकर हैरान होते हैं, वहीं कई श्रद्धालु इसे आस्था का चमत्कार मान रहे हैं।

नवरात्र में शुरू हुई थी शिव और देव की जीवन यात्रा

अनीता तिवारी के अनुसार, वर्ष 2023 की नवरात्र के दौरान उनके बेटे दिव्यांश ने इन दोनों तोतों को घर लाया था। दरअसल, दिव्यांश बाहर टहलने गया था, तभी उसने एक पेड़ के नीचे चार टूटे अंडे देखे। उनमें से दो बच्चे जीवित थे, जिन्हें बचाने के लिए वह उन्हें घर ले आया। उसी दिन उनका नाम शिव और देव रखा गया।

रुई और अंगूर के जूस से हुई परवरिश

घर लाने के बाद दोनों नन्हे तोतों की देखभाल बेहद सावधानी से की गई। रुई की मदद से उन्हें अंगूर का जूस पिलाया गया और दिन-रात निगरानी रखी गई। धीरे-धीरे दोनों स्वस्थ हुए और परिवार से इस तरह घुल-मिल गए कि अब वे अनीता तिवारी को ‘मम्मा’ और उनके पति भुवनेश्वर नाथ तिवारी को ‘पापा’ कहकर पुकारते हैं।

गंगा स्नान और नाम जप बनी रोज़ की दिनचर्या

परिवार के अनुसार, शिव और देव की दिनचर्या पिछले तीन वर्षों से एक जैसी है। दोनों सुबह उठते ही गंगा स्नान की बात करते हैं, फिर सीता-राम नाम का जप करते हैं। इतना ही नहीं, वे लड्डू गोपाल को नहलाने और भोजन कराने की बात भी अपनी भाषा में दोहराते हैं।

श्रद्धालुओं के लिए बने आस्था का केंद्र

माघ मेले में शिव और देव अब श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बन गए हैं। लोग इन्हें देखकर हैरान भी होते हैं और भावुक भी। कई श्रद्धालु इसे ईश्वर की भक्ति का जीवंत उदाहरण मानते हैं, जहां इंसान ही नहीं, बल्कि पक्षी भी साधना के मार्ग पर चलते नजर आ रहे हैं।

Updated on:
8 Jan 2026, 11:21 PM IST
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