
अतीक अहमद को लेकर आज प्रयागराज की MP-MLA कोर्ट ने फैसला सुनाया है। अतीक अहमद को अगर यूपी की जेल में रखा गया तो उसके लिए खास इंतजाम किए जाएंगे, किस जेल के स्टाफ को बदला जाएगा ताकि वो जेल से एक बार फिर अपना नेटवर्क तैयार न कर पाए। आईए जानते हैं।
रविवार को अतीक अहमद को साबरमती से जेल से बाहर लाया गया। इसके बाद सोमवार शाम को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उसे प्रयागराज की नैनी जेल रखा गया। इस पर कारागार मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने कहा,“अतीक अहमद को रात में एहसास हुआ कि जेल, जेल है। माफियाओं को कानून व्यवस्था और सरकार का भय है। यहां जेल में जाने के बाद एहसास हुआ कि जेल, जेल होती है।”
22 से 23 जेल है हाई सिक्योरिटी बैरक
जेल मंत्री ने कहा,“अतीक अहमद को 24 घंटे CCTV कैमरे की निगरानी में रखा जाएगा। जो भी स्टाफ है वो बॉडीवार्न कैमरे लगाए होंगे। अतीक की मुख्यालय से भी लगातार निगरानी होगी। मैं खुद लगातार संपर्क में हूं। थोड़ी देर पहले भी वहां के जेल अधीक्षक से मेरी बात हुई है। अतीक को अगर यहां रखना पड़ता है तो हमने पहले से तैयारी कर रखी है। हमारे पास 22 से 23 जेल ऐसी हैं जहां हाई सिक्योरिटी बैरक है।”
चीजों को समझने के बाद हमने की है प्लानिंग
जेल मंत्री ने कहा, “अतीक अहमद को जिस जेल में रखा जाएगा, वहां लगातार जेल स्टाफ बदलता रहेगा। कोई भी स्टाफ लंबे समय तक नहीं रहेगा। हमने पिछली घटनाओं से भी सबक लिया है। मैं हाल ही में चित्रकूट गया, वहां पर चीजों को समझ कर आए हैं। बारीकी से चीजों को समझने के बाद हमने प्लानिंग की है। वैसे, हमने व्यवस्था की है, अपराधी किसी से बात ना कर पाए। हमने 100 बॉडीवार्न कैमरे लिए थे जो 25 जिलों में दिए गए है।
हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा जाएगा
आइये जानते है हाई सिक्योरिटी बैरक क्या होता है। एक हाई सिक्योरिटी बैरक में 4 बैरक होती हैं। उनका गेट सिर्फ खाने के लिए खोल जाता है। इसमें भी सिर्फ आधे घंटे का समय दिया जाता है। बता दें, चारों बैरक को एक साथ नहीं खोला जाता। ये चारों बैरक को अलग-अलग आधे घंटे के लिए खोली जाती हैं।
बाकी पूरा समय वहां अपराधी CCTV की निगरान में सलाखों के अंदर ही रहते हैं। उसके अनुसार जेल अधीक्षक व्यवस्था करते हैं। नियमानुसार अधीक्षक को निर्देश है कि वह समय और स्थिति को देखते हुए मिलाई करवाएं या उसे बंद कर दे।