मिशन शक्ति फेज 5 के अंतर्गत प्रयागराज में विभिन्न कार्यक्रम किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने प्रयागराज मंडल के महिला अपराधों में कार्रवाई की समीक्षा करते हुए महिला और पाक्सो एक्ट के मामलो में आरोपियों को जल्द सजा दिलाने का निर्देश भी दिया। साथ ही उन्होंने बेटियों की सुरक्षा को लेकर कई बिंदुओं कार्य करने के लिए भी निर्देशित किया।
Mission shakti: मिशन शक्ति फेज-5.0 के तहत महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध पर शिकंजा कसने के लिए प्रशासन सख्त हो गया है। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने अपर निदेशक अभियोजन विश्वनाथ त्रिपाठी के साथ प्रयागराज मंडल के चारों जिलों प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़ और कौशांबी के आपराधिक मामलों की समीक्षा की।
इस दौरान मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि प्रभावी पैरवी करते हुए महिला और पाक्सो एक्ट से जुड़े हर जिले के 5-5 महत्वपूर्ण मामलों में एक महीने के भीतर सजा दिलाई जाए। फिलहाल के लिए कुल 20 मामलों में पैरवी करने का लक्ष्य भी तय कर दिया। वहीं अपर निदेशक अभियोजन ने बताया कि अब तक 5 मामलों में आरोपियों को सजा कराई जा चुकी है।
इनको दिलाई गई सजा
फतेहपुर: रवि कुमार को धारा 306 के तहत 4 साल 6 महीने का कारावास और ₹50,000 अर्थदंड।
मेढ़ीलाल व अन्य को धारा 498ए, 304बी और डीपी एक्ट के तहत आजीवन कारावास।
प्रतापगढ़: सुनील यादव को 15 साल का कारावास और ₹20,000 जुर्माना।
कौशांबी: कंचन पासी को धारा 354ए, 323, 504, 506 व पाक्सो एक्ट के तहत पूर्व में बिताई जेल अवधि और ₹1,000 अर्थदंड।
ओम प्रकाश उर्फ राजू को धारा 363, 366 और पाक्सो एक्ट में 3 साल का कठोर कारावास।
मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने कहा कि मिशन शक्ति का मकसद महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध करने वालों को जल्द से जल्द सजा दिलाकर नजीर पेश करना है। इसके अलावा महिलाओं को यह भी समझाना होगा कि वह किसी अपराध या अपराधी से निपटने में सक्षम हैं, जरुरत है तो बस उन्हें खुद के अंदर छिपी हुई शक्ति, आत्मबल को समझने की।