
प्रयागराज: राजनीति के दम पर पिछड़ों की आवाज बुलंद करने वाले सपा सुप्रीमो मुलायाम सिंह यादव अब राजनीति की सफर से अलबिदा करते हुए दिल्ली के मेदांता अस्पताल में अंतिम सांस ली। वैसे तो सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के किस्से तो बहुत से है।किसान आंदोलन से लेकर कई बार उस दौर में वर्तमान सरकार को घेरने में कई बार आंदोलन किया था। जिसको लेकर कई बार जेल भी जाना पड़ा था। समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव के
तीर्थपरोहित पांडा लाल साहेब और आंदोलन कारी छोटे लाल यादव ने उनकी मौत पर दुःख जताते हुए उनसे राजनीतिक किस्से पत्रिका उत्तर प्रदेश से शेयर की। उन्होंने ने कहा कि जब वह किसान नेता थे तो नेता जी मुलायम सिंह यादव ने बागपत जेल में 27 दिन बिताए थे और पहली बार एमएलए बनने के बाद संगमनगरी पहुंचकर तीर्थपरोहित के घर पर खाना भी खाया था।
जानें कैसे बागपत जेल में गुजारे थे 27 दिन
समाजवादी वरिष्ठ कार्यकर्ता आंदोलकारी छोटे लाल यादव ने पत्रिका से खास बातचीत करते हुए कहा कि 1975-80 में जब मुलायाम सिंह यादव ने किसानों की हित की लड़ाई लड़ते हुए बागपत में आंदोलन किया था, तभी प्रयागराज से कई कार्यकर्ता शामिल होने के लिए पहुंचे थे। मुलायम सिंह यादव ने आंदोलन करते समय 27 दिन जेल जाना पड़ा था। और उनके साथ जेल पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी बताया जेल में भी मुलायम सिंह यादव ने आंदोलन किया और कार्यकर्ताओं के साथ जेल में रहते हुए आवाज बुलंद किया था। वर्तमान सरकार और पुलिस प्रशासन को झुकना पड़ा था। इसके बाद 27 दिन के बाद जेल से मुलायम सिंह यादव कार्यकताओं के साथ रिहा हुए थे।
जनसभा में गरीबों और किसानों की आवाज बुलंद करते थे मुलायम
वरिष्ठ समाजवादी कार्यकर्ता आन्दोलनकरी छोटे लाल यादव ने कहा कि किसान नेता रहते हुए मुलायम सिंह यादव हमेशा पिछड़ों और किसानों की आवाज बुलंद करते थे। राजनीति में एमएलए बनने के बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और रक्षा मंत्री बनकर देश का नेतृत्व किया। आज भी लोग उनको नेता जी के नाम से ही संबोधित किया करते हैं। व्यक्ति विशेष से ऊपर उठकर मुलायम सिंह यादव ने देश मे राजनीतिक किया है।
तीर्थपरोहित के घर में चखा था इलाहाबादी खीर
मुलायम सिंह यादव परिवार के तीर्थपरोहित लाल वीरेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि जब मुलायाम सिंह यादव पहली बार एमएलए बने तो संगमनगरी पहुंचे थे। प्रयागराज पहुंचकर मुलायम ने घर पर पूड़ी सब्जी और गाय के दूध का खीर खाया था। खाना खाने के बाद उन्होंने कहा था कि अपने समाज के लोगों को जोडों और देश के विकास में योगदान करो। मुलायम सिंह यादव के परिवार का तीर्थपरोहित होने के नाते उनके पीढ़ी दर पीढ़ी का ब्यौरा आज भी मौजूद है।