
Pappu Yadav FIR Prayagraj: प्रयागराज में निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। बीजेपी नेता और अधिवक्ता सुशील कुमार मिश्रा की शिकायत पर अदालत ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दे दिया है।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट योगेश जैन की अदालत ने इस मामले में कार्रवाई का निर्देश दिया। इसके बाद भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 338, 196, 298, 299 और 356 के तहत केस दर्ज हो गया है। कोर्ट ने पप्पू यादव को 11 अगस्त को अदालत में पेश होने को कहा है।
पूरा मामला संसद परिसर के बाहर किए गए एक प्रदर्शन से जुड़ा है। उस दौरान पप्पू यादव साधु-संतों जैसा वेश पहनकर नजर आए थे। उन्होंने मंदिरों में चढ़ावे और दान से जुड़े मुद्दे पर प्रतीकात्मक विरोध जताया था।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस प्रदर्शन में साधु-संतों और धार्मिक परंपराओं को गलत तरीके से पेश किया गया। इससे सनातन धर्म और हिंदू समाज की भावनाएं आहत हुईं। सुशील कुमार मिश्रा बीजेपी विधि विभाग के प्रदेश सह संयोजक भी हैं। उन्होंने अदालत में कहा कि पप्पू यादव ने जानबूझकर ऐसा प्रदर्शन किया जिससे धार्मिक भावनाएं भड़क सकती हैं। अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे के मुद्दे को लेकर की गई यह कार्रवाई समाज में भ्रम और गुस्सा पैदा करने वाली थी।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि साधु वेश धारण कर इस तरह का प्रदर्शन हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला था। इसलिए कानूनी कार्रवाई जरूरी है। अभी तक पप्पू यादव की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। मामला अब अदालत में आगे बढ़ेगा। 11 अगस्त को जब वे अदालत में पेश होंगे, तब आगे की सुनवाई होगी।
प्रयागराज में यह मुकदमा दर्ज होने से पप्पू यादव के खिलाफ एक और कानूनी मोर्चा खुल गया है। बीजेपी नेता की शिकायत और अदालत के आदेश के बाद अब इस मामले की जांच आगे बढ़ेगी। लोग इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि सांसद इस आरोप का क्या जवाब देते हैं।